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यूपी के मथुरा के राधाकुंड में अहोई अष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब...

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी के मथुरा के राधाकुंड में अहोई अष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब...

मथुरा की धर्मनगरी राधाकुंड में अहोई अष्टमी के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार की मध्यरात्रि ठीक 12 बजे स्नान का समय होते ही हजारों श्रद्धालुओं ने राधाकुंड में महास्नान किया। इस दौरान राधारानी के जयकारों और राधे-राधे के उद्घोष से पूरा कुंड परिसर गूंज उठा।धार्मिक मान्यता के अनुसार अहोई अष्टमी की मध्यरात्रि में राधाकुंड में स्नान का विशेष महत्व है।

मान्यता है कि इस दिन निःसंतान दंपत्ति संतान सुख की कामना लेकर राधाकुंड पहुंचते हैं। परंपरा के अनुसार पति-पत्नी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर कुंड में डुबकी लगाते हैं और राधा-कृष्ण से संतान सुख एवं परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।इस दौरान दंपत्तियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और लाल कपड़े में लिपटा कच्चा पेठा यानी कुष्मांड जल में अर्पित किया।

धार्मिक परंपरा के अनुसार इसे भी इस स्नान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने अरिष्टासुर का वध करने के बाद राधारानी और सखियों के कहने पर अपने चरणों से भूमि खोदकर श्यामकुंड का निर्माण किया था। इसके बाद श्रीराधारानी ने अपने कंगन से भूमि खोदकर राधाकुंड बनाया।

तभी से राधाकुंड को पवित्र तीर्थ के रूप में विशेष मान्यता प्राप्त है।अहोई अष्टमी पर होने वाले इस विशेष स्नान के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु राधाकुंड पहुंचे। आधी रात तक कुंड के घाटों पर भारी भीड़ रही। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन भी मुस्तैद रहा।

बाइट-श्रद्धालु बाइट-चंद्र प्रकाश सिंह, जिलाधिकारी, मथुरा

बाइट-श्लोक कुमार, एसएसपी, मथुरा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।