उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के आह्वान पर सेवा संकल्प अभियान में पहले दिन 388 रक्तदान शिविर, 8,684 लोगों ने किया रक्तदान, उपमुख्यमंत्री ने जताया आभार
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उप मुख्यमंत्री की अपील पर प्रदेशभर में व्यापक जनभागीदारी, रक्तदान को मिला सेवा संकल्प का स्वरूप
भोपाल, 17 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस प्रदेशभर में रक्तदान को लेकर व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किए जा रहे अभियान के पहले दिन विभिन्न जिलों में 388 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 8 हजार 684 नागरिकों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रक्तदान करने वाले सभी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आकर नागरिकों ने मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से सेवा संकल्प अभियान से जुड़कर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया।
उप मुख्यमंत्री के आह्वान के साथ पहले ही दिन सामने आई यह व्यापक भागीदारी अभियान के सेवा और सामाजिक सरोकार से जुड़े उद्देश्य को दर्शाती है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आयोजित शिविरों में रक्तदान के साथ नागरिकों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान रक्तदान की शपथ सहित विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
रक्तदाताओं का पंजीयन और रक्तदान से संबंधित विवरण ई-रक्तकोष पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। इससे रक्तदान गतिविधियों का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से संधारित किया जा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के आगामी चरणों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में रक्तदान शिविरों और जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से स्वैच्छिक रक्तदान अभियान में सहभागिता कर जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता में योगदान देने की अपील की है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के आह्वान पर शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के पहले दिन की घटनाओं के बारे में है, जिसमें 388 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 8,684 नागरिकों ने रक्तदान किया। यह विषय समाज में स्वयंसेवा और स्वास्थ्य सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि राजनीतिक नेतृत्व के प्रोत्साहन से बड़े पैमाने पर जनभागीदारी संभव है, जिससे रक्तसंग्रह की कमी दूर हो सकती है। इसका आम जनता पर असर यह है कि रक्तदान के महत्व को समझ कर अधिक लोग