उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा-सीधी रेलवे लाइन पर अंडरपास निर्माण के लिए रेलवे को लिखा पत्र
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भोपाल, 21 अगस्त 2026। रीवा-सीधी-सिंगरौली रेलवे लाइन के निर्माणाधीन क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण उत्पन्न जलभराव की समस्या को देखते हुए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रेलवे के मुख्य महाप्रबंधक को पत्र लिखकर अंडरपास निर्माण की मांग की है।
उप मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि रीवा-सीधी-सिंगरौली रेलवे लाइन का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। रीवा से सीधी की ओर तीसरे पुल से लगभग आधा किलोमीटर आगे लगातार वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है।
जलभराव के चलते आसपास के कई खेतों और बस्तियों में भी पानी भर गया है। इसका असर निर्माणाधीन रेलवे लाइन पर भी पड़ा है। ऐसी स्थिति में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर भविष्य में अधिक बारिश के दौरान रेलवे लाइन के साथ-साथ आसपास की बस्तियों और घरों को भी नुकसान की आशंका बनी रह सकती है।
इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने रेलवे के मुख्य महाप्रबंधक से अनुरोध किया है कि रीवा से सीधी की ओर तीसरे पुल से लगभग आधा किलोमीटर आगे अंडरपास का निर्माण कराया जाए और इसके माध्यम से जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पत्र में कहा गया है कि अंडरपास के निर्माण से वर्षा के दौरान जमा होने वाले पानी की निकासी बेहतर तरीके से हो सकेगी। इससे आसपास के खेतों और बस्तियों को जलभराव से राहत मिलने के साथ-साथ निर्माणाधीन रेलवे लाइन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
उप मुख्यमंत्री ने भविष्य में अधिक वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जल निकासी की स्थायी व्यवस्था किए जाने पर जोर दिया है, ताकि रेलवे लाइन और आसपास के घरों को जलभराव से किसी तरह की हानि न हो।
इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान करने के साथ-साथ रेलवे अधोसंरचना और आसपास की आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर रीवा-सीधी रेलवे लाइन पर जलभराव की समस्या और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल द्वारा अंडरपास निर्माण की मांग को दर्शाती है। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लगातार बारिश से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है और यात्रियों व माल ढुलाई में देरी हो रही है। अंडरपास से सड़क और रेल यातायात सुगम होगा, जिससे स्थानीय लोगों का रोज़मर्रा का जीवन आसान होगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी।