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उप मुख्यमंत्री शुक्ल की पहल से बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती, एएनसी कवरेज 90 प्रतिशत तक पहुंचा, शत प्रतिशत करने के निर्देश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 24 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उप मुख्यमंत्री शुक्ल की पहल से बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती, एएनसी कवरेज 90 प्रतिशत तक पहुंचा, शत प्रतिशत करने के निर्देश

समन्वित प्रयासों से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, बाल रोग बेड 50 से बढ़कर 150 और PICU बेड 10 से 21 हुए

भोपाल, 24 सितंबर 2026। बालाघाट के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को गति मिली है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और रोग नियंत्रण अभियान की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मैदानी स्तर पर लगातार निगरानी, बेहतर समन्वय और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभागों के बीच समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को मिलकर काम करने और प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बालाघाट की पंचायतों को ‘सुमन पंचायत’ के रूप में विकसित करने के लक्ष्य के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

उप मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में सामने आया कि जिले में गर्भवती महिलाओं का एएनसी चेकअप कवरेज बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है। श्री शुक्ल ने इसे महत्वपूर्ण प्रगति बताते हुए इसे शत-प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित फॉलोअप और आवश्यकता के अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में समय से भर्ती सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं है। अधिकारियों और मैदानी अमले को पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य करते हुए उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना चाहिए। उन्होंने बर्थ वेटिंग होम की सुविधाओं का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश भी दिए।

बालाघाट में बच्चों के उपचार की क्षमता में भी विस्तार किया गया है। जिला अस्पताल में बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 और PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 की गई है। डायरिया नियंत्रण अभियान के तहत करीब 1.63 लाख परिवारों को ओआरएस और 1.60 लाख परिवारों को जिंक उपलब्ध कराया गया है। गंभीर स्थिति वाले 734 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया गया।

मलेरिया नियंत्रण के लिए जिले के प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 15 टीमें घर-घर बुखार की जांच कर रही हैं। 19 जुलाई 2026 से अब तक 26,865 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें 980 मामले सामने आए। सभी चिन्हित मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मच्छर नियंत्रण के लिए 71 गांवों में 7,065 घरों में कीटनाशक छिड़काव और 44 गांवों के 8,610 घरों में थर्मल फॉगिंग की गई है।

मलेरिया नियंत्रण अभियान को मजबूत करने के लिए एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर और 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर तैनात किए गए हैं। बिरसा और बैहर विकासखंडों में छह मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ओपीडी, बुखार स्क्रीनिंग, एएनसी-पीएनसी, टीबी एवं गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, दवा वितरण और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

खसरा-रूबेला नियंत्रण के लिए भी विशेष निगरानी की जा रही है। नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर कैच-अप राउंड और आउटब्रेक रिस्पॉन्स इम्युनाइजेशन गतिविधियां संचालित की गई हैं। अब तक करीब 27 हजार बच्चों का टीकाकरण किया गया है, जबकि ओआरआई के तहत 1 से 10 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 15 हजार बच्चों को टीका लगाया गया है।

दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 51 नए बॉन्ड डॉक्टरों ने जॉइन किया है। इसके अलावा एएनएम, सीडीपीओ और सुपरवाइजर सहित आवश्यक मैदानी अमले की तैनाती की गई है। कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मोबाइल मेडिकल यूनिट और अतिरिक्त मैदानी स्टाफ के माध्यम से विस्तार दिया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने बालाघाट इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान के तहत स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रावधानों की भी समीक्षा की। योजना के तहत ₹332 करोड़ के विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत 22 उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में मरम्मत और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विठती और सानमुद्दा को 30-बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने तथा घुम्मूर और पाथरी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की कार्यवाही की जा रही है। दो नई मोबाइल मेडिकल यूनिट और 10 नवीन उप स्वास्थ्य केंद्रों के प्रावधान की भी जानकारी दी गई।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों से कहा कि बालाघाट में किए जा रहे कार्यों को प्रभावी मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय और मैदानी स्तर पर निरंतर निगरानी के माध्यम से जिले की सभी पंचायतों को ‘सुमन पंचायत’ के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने के निर्देश दिए।

बैठक में एनएचएम की एमडी डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम और जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।