यूपी में PET एग्जाम आज, 1372 सेंटर बने:नकल करते मिले या फर्जी अभ्यर्थी बैठाए तो आजीवन कारावास; 1 करोड़ जुर्माना
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →यूपी में आज, रविवार को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 है। इसके लिए प्रदेश के 60 जिलों में 1,372 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के लिए करीब 35.41 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पहले दिन करीब 12 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो शिफ्ट में होगी। पहली शिफ्ट सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक होगी।
इसके लिए सुबह 8 बजे से प्रवेश मिलेगा। सुबह 9:30 बजे गेट बंद हो जाएंगे। दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक होगी। इसके लिए दोपहर 1 बजे से प्रवेश शुरू होगा और 1:30 बजे गेट बंद हो जाएंगे। परीक्षा में नकल करने, फर्जी अभ्यर्थी बैठाने या गड़बड़ी करने पर कानूनी कार्रवाई होगी। दोषी पाए जाने पर अभ्यर्थियों को आयोग की आगे होने वाली परीक्षाओं में बैठने से भी रोका जा सकता है।
इसके अलावा, कानून के तहत आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। तीन दिन में 6 शिफ्ट में होगी परीक्षा PET-2026 की परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर के साथ 1 नवंबर को होगी। हर दिन दो शिफ्ट में परीक्षा होगी। इस तरह कुल छह शिफ्ट में परीक्षा पूरी होगी। परीक्षा केंद्रों और कोषागारों में लगे CCTV कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने जिलाधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने और परीक्षा में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए थे। परीक्षा का पेपर और दूसरी सामग्री पुलिस सुरक्षा में केंद्रों तक पहुंचाई जाएगी। परीक्षा के बाद इसे सुरक्षित जगह पर जमा कराया जाएगा। अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों को अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
एक गलत जवाब पर कटेंगे 0.25 नंबर PET-2026 की परीक्षा ऑफलाइन होगी। अभ्यर्थियों को OMR शीट पर 100 सवालों के जवाब देने होंगे। हर सवाल एक नंबर का होगा। एक गलत जवाब पर 0.25 नंबर काटे जाएंगे। पेपर में इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संविधान, सामान्य विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी और तर्कशक्ति से 5-5 सवाल पूछे जाएंगे।
करेंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान, हिंदी गद्यांश और ग्राफ-टेबल से जुड़े सवालों की संख्या 10-10 होगी। विज्ञान के सवाल सामान्य विज्ञान के तहत पूछे जाएंगे। किसी का सेंटर 520, तो किसी का 650 किमी दूर PET देने के लिए अभ्यर्थियों को लंबा सफर करना पड़ रहा है। जौनपुर के सिद्धार्थ सिंह का सेंटर 520 किमी दूर मैनपुरी में पड़ा है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा देने के लिए एक दिन पहले घर से निकलना पड़ेगा। वहीं, प्रयागराज के मोहम्मद रहमान को परीक्षा देने के लिए 650 किमी दूर गाजियाबाद जाना होगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ लंबी दूरी तय करने की भी चिंता सता रही है। आयोग अध्यक्ष बोले- कंप्यूटर से तय हुए परीक्षा केंद्र आयोग के अध्यक्ष सत्यनारायण साबत ने कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ा प्रदेश है।
यहां एक कोने से दूसरे कोने की दूरी करीब 1,100 किलोमीटर है। 35 लाख अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध परीक्षा केंद्रों के हिसाब से व्यवस्था की गई है। पूर्वांचल के बनारस, आजमगढ़, बलिया और जौनपुर जैसे जिलों में अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा है, जबकि परीक्षा केंद्र कम हैं। पश्चिमी यूपी में अभ्यर्थियों की संख्या कम और केंद्र ज्यादा हैं।
इसी वजह से अभ्यर्थियों को दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र दिए गए हैं। दैनिक भास्कर ने आयोग के अध्यक्ष सत्यनारायण साबत से सवाल पूछे, उन्होंने कहा कि आयोग परीक्षा में नकल रोकने के लिए कदम उठाता है। परीक्षा केंद्र अब ऑटोमेशन से तय होते हैं। इसलिए इस बार केंद्र थोड़े दूर आवंटित हुए हैं। 3 पॉइंट में समझें- किसे कहां मिला सेंटर दिव्यांग अभ्यर्थी: शासन की नीति के तहत इन्हें गृह जिले में ही परीक्षा केंद्र दिया गया है।
महिला अभ्यर्थी: इन्हें गृह जिले से बाहर, लेकिन अपने मंडल के दूसरे जिले में सेंटर दिया गया है। पुरुष अभ्यर्थी: इन्हें दूसरे मंडल में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। ग्रुप-B और C की भर्ती के लिए PET जरूरी उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए PET पास करना जरूरी है।
इसके बाद ही अभ्यर्थी लेखपाल, जूनियर असिस्टेंट और VDO जैसे ग्रुप-B और ग्रुप-C के पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। एडमिट कार्ड जारी होने के बाद से ही अभ्यर्थी सोशल मीडिया पर परीक्षा केंद्र बदलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि PET सिर्फ भर्ती की शुरुआती परीक्षा है, जिसके आधार पर आगे की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलता है।
यह नौकरी देने वाली अंतिम परीक्षा नहीं है। ऐसे में अभ्यर्थियों को 500 से 600 किमी दूर परीक्षा केंद्र देना सही नहीं है।
📡 स्रोत: NewsData.io