यूपीः प्रयागराज में सुजलाम शक्ति समूहों की 7,656 महिलाएं कर रहीं पेयजल की जांच, अब तक 34,725 नमूनों का परीक्षण
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
प्रयागराज में जल जीवन मिशन के तहत महिलाएं शुद्ध पेयजल की निगरानी में अहम भूमिका निभा रही हैं। जिले में सुजलाम शक्ति समूहों से जुड़ी 7,656 प्रशिक्षित महिलाएं फील्ड टेस्ट किट यानी एफटीके के जरिए पानी की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं। अब तक इन समूहों के माध्यम से 34,725 जल नमूनों की जांच की जा चुकी है।
जल जीवन मिशन के पहले चरण में प्रत्येक राजस्व गांव से पांच महिलाओं को जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण दिया गया था। जिले के 2,685 राजस्व गांवों में कुल 17,289 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। अब जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ये महिलाएं सुजलाम शक्ति समूहों के माध्यम से पेयजल की निगरानी कर रही हैं।
महिलाएं घरों के नल कनेक्शन, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों और हैंडपंपों से पानी के नमूने लेकर जांच करती हैं। एफटीके से पानी में आयरन, नाइट्रेट, क्लोराइड समेत विभिन्न अशुद्धियों की प्राथमिक जांच की जाती है। इसके साथ ही महिलाएं ग्रामीणों को जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूक करती हैं।
उन्हें ग्राम स्तर पर गठित जल समितियों में भी शामिल किया जाता है। जल निगम ग्रामीण के अधिकारियों के मुताबिक, गांवों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना और पेयजल संबंधी शिकायतों का त्वरित निस्तारण विभाग की प्राथमिकता है।
बाइट- धनंजय सिंह, लैब टेक्नीशियन बाइट- अनिल श्रीवास्तव, लैब असिस्टेंट
बाइट- सुमन सिंह, जल समूह सखी बाइट- अबुनल नियाल, प्रधानाचार्य प्राथमिक विद्यालय
💡 पृष्ठभूमि (Background)
प्रयागराज में जल जीवन मिशन के तहत सुजलाम शक्ति समूहों की 7,656 महिलाएं फील्ड टेस्ट किट से पानी की गुणवत्ता जाँच रही हैं। यह पहल ग्रामीण जल संसाधन निगरानी में महिलाओं को सशक्त बनाती है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि 34,725 नमूनों की जाँच से पानी की शुद्धता का स्पष्ट डेटा मिलता है, जिससे जलजनित रोगों का जोखिम घटता है। आम जनता पर असर यह है कि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होने से स्वास्थ्य सुधार, रोग नियंत्रण और महिलाओं की सामाजिक स्थिति में उन्नति होगी।