अपराध

यूपी के रामपुर में आजम से मिले अखिलेश... यूपी में सियासत तेज!

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी  के रामपुर में आजम से मिले अखिलेश... यूपी में सियासत तेज!

वीओ - पिच चाहे क्रिकेट की हो या फिर सियासत की क्रीज पर मौजूद खिलाड़ी की टाइमिंग हमेशा मायने रखती है... क्योंकि दोनों में ही शॉट वही कामयाब होता है जो हवा के रुख को समझकर खेला जाता है... सपा प्रमुख अखिलेश यादव के रामपुर दौरे की टाइमिंग भी कुछ इसी तरह से देखी जा रही है... जहां गुरुवार को अखिलेश यादव ने जेल में बंद कद्दावर नेता आजम से मुलाकात की है...

ग्राफिक्स इन – (360 में बना है) हेडर – आजम से मिले अखिलेश...क्या हैं संदेश?

  • सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की
  • आजम और अखिलेश के बीच रामपुर जेल में करीब 1 घंटे बातचीत हुई
  • आजम खान से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव उनके घर भी गए
  • अखिलेश यादव की एक साल के भीतर आजम खान से यह तीसरी मुलाकात हुई है
  • इससे पहले) 9 अक्टूबर 2025 को अखिलेश रामपुर में आजम खान से मिलने पहुंचे थे
  • इसके बाद) 7 नवंबर 2025 को आजम खान उनसे मिलने लखनऊ पहुंचे थे

ग्राफिक्स आउट –

वीओ – आजम और अखिलेश की ये मुलाकात ऐसे वक्त पर हुई है... जब हाल ही में ओवैसी ने रामपुर के मंच से सियासी हुंकार भरते हुए... आजम खान का जिक्र कर सपा के M-Y समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश की है...

ग्राफिक्स इन – आजम से मुलाकात... ओवैसी को जवाब या मुस्लिम वोटों की बात? -हेडर

  • रामपुर में असदुद्दीन ओवैसी के 'अब्दुल' वाले आक्रामक बयानों के बाद
  • अखिलेश यादव का आजम खान से मिलने का कार्यक्रम सामने आया
  • मुलाकात को लेकर सियासत में कई सवाल उठ रहे हैं
  • मुस्लिम वोटों का बचाव या गढ़ को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे अखिलेश?

ग्राफिक्स आउट –

2 विन - असदुद्दीन ओवैसी, अध्यक्ष, AIMIM

वीओ – एसे में अखिलेश यादव का रामपुर दौरा ओवैसी के असर को बेअसर करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा था... हालांकि अखिलेश यादव से जब ओवैसी को लेकर सवाल किया गया... तो जवाब कुछ ऐसा मिला...

बाइट - अखिलेश यादव, अध्यक्ष, सपा वीओ - ओवैसी सपा पर लगातार जो आरोप लगाते आ रहे हैं.. अखिलेश यादव सीधे-सीधे उनका जवाब देने से बचते नजर आ रहे हैं... क्योंकि सियासत में शब्दों की जगह कई बार चुप्पी ज्यादा बड़ा मैसेज देती है... और विवाद को बढ़ने से रोकने में भी मुफीद रहती है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।