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यूपी में RTE के तहत 1.57 लाख नए दाखिले:गरीब बच्चों की पढ़ाई पर ₹698 करोड़ खर्च करेगी योगी सरकार

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी में RTE के तहत 1.57 लाख नए दाखिले:गरीब बच्चों की पढ़ाई पर ₹698 करोड़ खर्च करेगी योगी सरकार

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए योगी सरकार ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत ₹698.27 करोड़ आवंटित किए हैं। इसमें ₹362.56 करोड़ शुल्क प्रतिपूर्ति और ₹335.70 करोड़ वित्तीय सहायता के लिए निर्धारित हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025-26 तक योजना के तहत 5.36 लाख बच्चे पढ़ रहे थे।

सत्र 2026-27 में 1.57 लाख नए दाखिले होने के बाद यह संख्या बढ़कर 6.93 लाख हो गई है। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष 2027-28 में भी आरटीई के तहत दाखिले बढ़ने का अनुमान लगाया है। विभाग को करीब 1.70 लाख नए बच्चों के प्रवेश की उम्मीद है। इनके लिए ₹85 करोड़ की वित्तीय जरूरत आंकी गई है। इसके अलावा, मौजूदा और नए विद्यार्थियों की जरूरतों को देखते हुए कुल ₹431.71 करोड़ का बजट प्रस्ताव तैयार किया गया है।

शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ₹362.56 करोड़ आरटीई के तहत पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में शिक्षा दिलाने के लिए शुल्क प्रतिपूर्ति मद में ₹362.56 करोड़ आवंटित किए गए हैं। वहीं, वित्तीय सहायता के लिए ₹335.70 करोड़ का प्रावधान किया गया है। दोनों मदों में कुल ₹698.27 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना और उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है। अगले सत्र में 1.70 लाख नए दाखिलों का अनुमान विभागीय आंकड़ों के अनुसार, सत्र 2026-27 में 1,57,127 बच्चों ने नए दाखिले लिए हैं। बढ़ते नामांकन को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2027-28 में 1.70 लाख नए प्रवेश होने का अनुमान लगाया गया है।

इसके लिए ₹85 करोड़ की जरूरत आंकी गई है। बजट प्रस्ताव में वर्ष 2025-26 तक अध्ययनरत 5,36,285 बच्चों के लिए ₹268.14 करोड़ और वर्ष 2026-27 में नए दाखिले लेने वाले 1,57,127 बच्चों के लिए ₹78.56 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके साथ ही वर्ष 2027-28 में संभावित 1.70 लाख नए प्रवेश के लिए ₹85 करोड़ की जरूरत शामिल की गई है।

इस तरह कुल ₹431.71 करोड़ का बजट प्रस्ताव तैयार किया गया है। पात्र बच्चों को शिक्षा दिलाने पर जोर बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक, आरटीई के तहत नामांकन और वित्तीय जरूरतों की जनपदवार समीक्षा की जा रही है। सरकार का जोर पात्र बच्चों को योजना का लाभ दिलाने और उनकी पढ़ाई जारी रखने पर है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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