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यूपीः वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं ने की श्रीराम की आरती, उर्दू में गाया भजन, दिया सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपीः वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं ने की श्रीराम की आरती, उर्दू में गाया भजन, दिया सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश

वाराणसी में दीपावली के अवसर पर मुस्लिम महिलाओं ने सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश की। लमही स्थित सुभाष भवन में मुस्लिम महिलाओं ने प्रभु श्रीराम और माता जानकी की आरती उतारी। इस दौरान उर्दू में श्रीराम आरती का गायन किया गया और हनुमान चालीसा का पाठ भी हुआ। महिलाओं ने दीप जलाकर प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश दिया।

विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने कहा कि धर्म भले अलग हो सकते हैं, लेकिन पूर्वज, संस्कृति और देश की परंपराएं साझा हैं। धर्म बदलने से पूर्वज और अपनी मिट्टी से जुड़ी संस्कृति नहीं बदलती। विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.

राजीव श्रीगुरुजी ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, प्रेम और समर्पण का संदेश देता है। समाज और परिवार को मजबूत बनाने के लिए राम के आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। वहीं, मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी ने कहा कि भारत में रहने वाले सभी लोगों की सांस्कृतिक जड़ें साझा हैं।

भगवान श्रीराम के आदर्श सभी के लिए प्रेरणादायक हैं। डॉ. नजमा परवीन ने कहा कि रामराज्य की कल्पना दुनिया के कई देशों में की जाती है। घर-परिवार में राम के आदर्शों की चर्चा से प्रेम और सद्भाव का वातावरण बन सकता है।

बाइट - नाजनीन अंसारी बाइट - नजमा परवीन

💡 पृष्ठभूमि (Background)

वाराणसी में मुस्लिम महिलाएँ दीपावली के अवसर पर श्रीराम की आरती कर रही हैं। यह घटना धार्मिक समरसता और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि धर्मनिरपेक्ष समाज में भी परस्पर सम्मान और सहिष्णुता बनी रहती है। ऐसी पहल से समाज में विश्वास और भाईचारे की भावना बढ़ती है, जिससे धार्मिक संघर्षों का जोखिम कम होता है और समग्र सामाजिक ताने-बाने को मजबूती मिलती है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।