यूपी के विकास प्राधिकरणों में रिश्वत का रेट कार्ड:इंजीनियर ने मकान की फाइल अटकाई, भास्कर रिपोर्टर से 3 लाख मांगे; देखिए स्टिंग
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
राजधानी लखनऊ में 15 छात्र जिंदा जल गए…। हादसे की जड़ तलाशी तो लखनऊ विकास प्राधिकरण में निकली। दैनिक भास्कर ने इस पर इनवेस्टिगेशन किया। इसमें निकलकर आया कि अफसरों की जेब गरम करके कहीं भी कुछ भी निर्माण किया जा सकता है। विजिलेंस ने खुद सालभर में 5 प्राधिकरणों के 11 अफसरों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
इनमें सबसे ज्यादा 3-3 अफसर बनारस और सहारनपुर विकास प्राधिकरण के हैं। विजिलेंस के एक्शन के बावजूद यहां के अफसर खुलेआम पैसों की डिमांड कर रहे हैं। दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम के अंडरकवर रिपोर्टर पीड़ित बने और एक सील बिल्डिंग के पेपर जुटाकर इन घूसखोर अफसरों के पास पहुंचे। रिपोर्टर को इनपुट मिला कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के जूनियर इंजीनियर राहुल प्रताप विश्वकर्मा पैसे लेकर अवैध निर्माण कराते हैं।
भास्कर रिपोर्टर ने एक सील प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट्स तैयार किए। उस पर दोबारा काम शुरू कराने की डील के लिए जूनियर इंजीनियर राहुल प्रताप विश्वकर्मा से फोन पर बात की। राहुल ने रिपोर्टर को विकास प्राधिकरण कार्यालय की पहली मंजिल स्थित कमरा नंबर- 12 में बुलाया। यहां राहुल तो नहीं मिले, लेकिन जोनल ऑफिसर मान सिंह से मुलाकात हुई- रिपोर्टर : छोटा-सा काम था, राहुल सर ने बुलाया था।
मान सिंह: बताइए, क्या मैटर है?
रिपोर्टर : एक प्रॉपर्टी सील है, काम लगाना था। मान सिंह : कौन-सा थाना लगता है?
रिपोर्टर : जोन-3 एरिया में पारा थाना में पड़ता है। हम लोग 4 भाई हैं। हम बेंगलुरु में रहते हैं। यहां पर 2400 स्क्वायर फीट की जमीन है। ग्राउंड, फर्स्ट और सेकंड फ्लोर बनवा रहे थे। एलडीए से नोटिस चस्पा हो गया। रिपोर्टर : बिजनेस के सिलसिले में बाहर थे, देख नहीं पाए। मान सिंह : इसमें तो ध्वस्तीकरण हो जाएगा, बताइए तोड़ना है कि बचाना है?
रिपोर्टर : मेहनत की कमाई से बनाया है सर। आपकी कृपा हो जाए तो मेरी बिल्डिंग बन जाएगी। मान सिंह : कितने फ्लोर बनाए हैं?
रिपोर्टर : 2 फ्लोर बना लिए हैं सर। जोनल ऑफिसर मान सिंह ने रिपोर्टर से बातचीत के दौरान प्लाॅट पर आने की बात बोलकर लेनदेन का इशारा किया। बोला- राहुल को आप सब कुछ नोट करा दीजिएगा। मैं बात कर लूंगा, कल आपके प्लॉट पर आकर देख लेते हैं। राहुल से बात करेंगे और अगले दिन प्लॉट पर जाकर देखेंगे। एक हफ्ते तक जोनल अफसर और जूनियर इंजीनियर से रिपोर्टर की मोबाइल पर बात ह
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar