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उपमुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश—बालाघाट में हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उपमुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश—बालाघाट में हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवा

67 नए मेडिकल ऑफिसर की पदस्थापना, 2 करोड़ रुपये से स्वास्थ्य संस्थानों का सुदृढ़ीकरण; शत-प्रतिशत टीकाकरण, सुरक्षित संस्थागत प्रसव और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर

भोपाल, 13 सितंबर। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि बालाघाट जिले के पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से प्रभावी रूप से कवर किया जाए। कोई भी पात्र व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे और दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने रविवार को निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान शुक्ल ने कहा कि बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। जिले में जरूरत के अनुसार 67 नए मेडिकल ऑफिसर की पदस्थापना की गई है। मौजूदा स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा दो नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), एक उप स्वास्थ्य केंद्र (एसएचसी) और दो मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) की स्वीकृति के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार आशा और एएनएम के पद भी स्वीकृत किए जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए मेडिकल ऑफिसरों समेत उपलब्ध मानव संसाधन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों की मैदानी क्षेत्रों में नियमित उपस्थिति हो और अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा करें। उन्होंने मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारियों को मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने तथा उनके निर्धारित इंसेंटिव का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा।

शुक्ल ने बालाघाट में शत-प्रतिशत टीकाकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां नियमित टीकाकरण व्यवस्था के माध्यम से लक्ष्य हासिल करने में कठिनाई हो, वहां हायर्ड वैक्सीनेटर और ऑल्टरनेट वैक्सीन डिलीवरी (एवीडी) जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जाए। टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने और प्रत्येक पात्र बच्चे का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीयन और सभी आवश्यक एएनसी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की समय पर पहचान कर उनका नियमित फॉलोअप किया जाए। जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर कर उपचार और सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव का लक्ष्य हासिल किया जाए। जिन गर्भवती महिलाओं में प्रसव के दौरान जोखिम की संभावना है, उन्हें समय रहते स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती कर आवश्यक निगरानी और उपचार उपलब्ध कराया जाए। दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को प्रसव के समय उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं समय पर मिल सकें।

उपमुख्यमंत्री ने बालाघाट के नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों से जोड़ने तथा पंचायतों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पंचायतों को सुमन पंचायत बनने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया।

जन्मजात बीमारियों से प्रभावित बच्चों की पहचान और उपचार को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। शुक्ल ने कहा कि जन्मजात हृदय रोग, क्लेफ्ट लिप, क्लब फुट सहित अन्य समस्याओं से प्रभावित बच्चों को चिन्हित कर उनकी आवश्यक सर्जरी और उपचार समय पर कराया जाए। आरबीएसके के तहत पात्र बच्चों को आवश्यक उपचार और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है, इसलिए पहचान, रेफरल और उपचार की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के साथ स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। पंचायतों, स्थानीय संस्थाओं और नागरिकों की सहभागिता से विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उनका कहना था कि बीमारी की रोकथाम, समय पर पहचान, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और उपचार, इन सभी पहलुओं पर एक साथ काम करने से ही स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।

उपमुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर की आकस्मिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उपलब्ध अनटाइड फंड का नियमानुसार प्रभावी उपयोग करने को कहा। उन्होंने आवश्यक परिवहन, दवाओं, उपकरणों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा प्रभावित न हो।

उन्होंने अंतर्विभागीय समन्वय से पेयजल और बाल पोषण सेवाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ करने के साथ बच्चों और हितग्राहियों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शुक्ल ने कहा कि जिले की जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाई जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सुखवीर सिंह, आयुक्त धनराजू एस., एनएचएम की प्रबंध संचालक डॉ. सलोनी सिडाना, बालाघाट कलेक्टर कुँअर सत्यम सहित स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।