UPI पर घमासान, अब मोबाइल दुकानदारों ने लिखा वित्त मंत्री को पत्र, कहा- अस्तित्व खतरे में
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कुछ दिन पहले ही सरकार ने 2000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर MDR चार्ज लगाने की घोषणा की है. ये नियम 15 अक्टूबर से लागू किया जाने वाला है. लेकिन इससे पहले ही इसका जमकर विरोध हो रहा है.
हाल ही में ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने केंद्र सरकार से छोटे और मध्यम मोबाइल दुकानदारों को UPI पेमेंट पर किसी भी तरह के MDR या ट्रांजैक्शन चार्ज से छूट देने की मांग की है.
वित्त मंत्री को लिखा पत्र
इसके लिए एसोसिएशन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है.
इस पत्र के जरिए बताया गया है कि मोबाइल दुकानदारों का मुनाफा पहले ही बहुत कम है. अगर UPI पेमेंट पर चार्ज लगाया गया तो उनके कारोबार पर और दबाव बढ़ सकता है.
एसोसिएशन के मुताबिक, वो देशभर के 1.50 लाख से ज्यादा छोटे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदारों का प्रतिनिधित्व करता है.
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एसोसिएशन की क्या है मांग?
इस पत्र के जरिए AIMRA ने सरकार से मुख्य रूप से चार मांगें की हैं.
उन्होंने छोटे और मध्यम मोबाइल दुकानदारों को UPI MDR से पूरी तरह छूट देने की मांग की है.
दूसरी मांग में दुकानदारों को कम लागत वाली डिजिटल पेमेंट सुविधा मिलने की बात कही है.
एसोसिएशन की तीसरी मांग है कि किसी भी नए पेमेंट चार्ज को लागू करने से पहले व्यापार संगठनों से सलाह-मशविरा किया जाए.
तो वहीं चौथी मांग है कि मोबाइल और रिटेल कारोबार को बढ़ावा देने के लिए व्यापक नीतिगत सहायता दी जाए.
बढ़ जाएगा खर्च एसोसिएशन ने पत्र के जरिए कहा कि अगर UPI पेमेंट पर 0.40% MDR यानी ट्रांजैक्शन फीस लगाई जाती है, तो इसका सीधा असर दुकानदारों के मुनाफे पर पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि मोबाइल दुकानदारों का आमतौर पर शुद्ध मुनाफा केवल 0.75% से 1.50% के आसपास होता है. ऐस में चार्ज लगने के बाद खर्च और बढ़ जाएगा.
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar