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UPI MDR फ्रेमवर्क में संशोधन जरूरी, रिपोर्ट में IIT बॉम्बे

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 12 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
UPI MDR फ्रेमवर्क में संशोधन जरूरी, रिपोर्ट में IIT बॉम्बे

अगर आप भी UPI के जरिए दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पेमेंट करते हैं, तो इससे जुड़ी यह खबर आपके लिए अहम है.

IIT बॉम्बे की एक रिपोर्ट में UPI पेमेंट पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के नियमों में बदलाव करने की सिफारिश की गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल पेमेंट को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसा चार्ज तय करना जरूरी है, जिससे कारोबारियों पर ज्यादा बोझ न पड़े और लोगों का UPI पर भरोसा भी बना रहे.

दरअसल, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने कुछ UPI लेनदेन पर MDR लागू करने का प्रस्ताव दिया है.

हालांकि, IIT बॉम्बे की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले इसमें सुधार किया जाना चाहिए.

इस रिपोर्ट में खासतौर पर बड़े कारोबारियों से शुल्क लेने, जरूरी सेवाओं और लोन की EMI के पेमेंट को राहत देने की सुझाव दी गई है.

किन कारोबारियों से MDR वसूलने का सुझाव?

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सालाना 50 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा कारोबार करने वाले व्यापारियों पर MDR लगाने पर विचार किया जाए.

खासतौर पर इससे छोटे कारोबारियों को एक्स्ट्रा चार्ज के बोझ से बचाने में मदद मिल सकती है.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरीके से NPCI के प्रस्तावित MDR से मिलने वाली करीब 90% रकम हासिल की जा सकती है.

हालांकि, ई-कॉमर्स कंपनियों से भी UPI पेमेंट पर उचित शुल्क लेने का सुझाव दिया गया है, क्योंकि ऑनलाइन खरीदारी में नकद पेमेंट की सुविधा लिमिट में होती है और डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है.

किन UPI भुगतानों पर शुल्क से राहत देने की सिफारिश?

रिपोर्ट में UPI के जरिए लोन की EMI चुकाने और कर्ज की वसूली से जुड़े भुगतानों को MDR से बाहर रखने की सिफारिश की गई है, ताकि लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े.

डिजिटल माध्यम से कर्ज चुकाना नकद या चेक के मुकाबले ज्यादा आसान और कम खर्चीला हो सकता है.

UPI शुल्क पर फैसला कौन करेगा?

📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live Vyapar पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर UPI के मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) में बदलाव की जरूरत पर आधारित है, जिसे IIT बॉम्बे ने सुझाया है। UPI, भारत की प्रमुख डिजिटल भुगतान प्रणाली, व्यापारियों से लिए जाने वाले शुल्क पर यह प्रस्ताव रखता है कि उन्हें कम बोझ पड़े। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि MDR में बदलाव से व्यापारियों की लागत और उपभोक्ताओं के लिए लेनदेन शुल्क पर असर पड़ेगा। यदि दरें कम होती हैं, तो व्यापारियों को अधिक लाभ मिलेगा, जिससे वे UPI को अधिक प्रोत्साहित करेंगे, और उपभोक्ताओं को सस्ती, तेज़ और सुरक्षित भुगतान का

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