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UPI पर MDR के विरोध में चावल-दाल व्यापारियों का ‘नो UPI डे’, हनुमानगंज-जुमेराती बाजार में रहा असर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
UPI पर MDR के विरोध में चावल-दाल व्यापारियों का ‘नो UPI डे’, हनुमानगंज-जुमेराती बाजार में रहा असर

भोपाल। UPI भुगतान पर प्रस्तावित MDR शुल्क के विरोध में चावल-दाल व्यापारी संघ, हनुमानगंज-जुमेराती द्वारा 8 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ मनाया गया। अभियान के तहत संघ से जुड़े व्यापारियों ने अपनी दुकानों पर UPI के माध्यम से भुगतान स्वीकार नहीं किया और ग्राहकों से नकद भुगतान करने का आग्रह किया।

भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि व्यापारियों ने दुकानों पर UPI के विरोध से संबंधित पोस्टर लगाए। विरोध के सांकेतिक स्वरूप के तौर पर दुकानों पर लगे UPI स्कैनर पर काले रिबन बांधे गए। व्यापारियों की सामूहिक भागीदारी के चलते हनुमानगंज-जुमेराती बाजार में अभियान का असर दिखाई दिया।

व्यापारियों के अनुसार, अभियान के दौरान दिनभर में करोड़ों रुपये के ऑनलाइन लेनदेन नहीं हुए। संघ का कहना है कि यह प्रस्तावित MDR शुल्क को लेकर व्यापारियों की चिंता और विरोध को सामने रखने का शांतिपूर्ण प्रयास था।

विवेक साहू ने कहा कि व्यापारी वर्ग डिजिटल इंडिया और UPI व्यवस्था का समर्थन करता रहा है, लेकिन व्यापारिक लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि थोक व्यापार में मार्जिन पहले ही सीमित होता है। ऐसे में MDR शुल्क लागू होने पर व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर छोटे और मध्यम व्यापारियों पर पड़ने की आशंका है।

चावल-दाल व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेश रामरख्यानी और सचिव सचिन संगतानी ने कहा कि ‘नो UPI डे’ किसी व्यवस्था के विरोध मात्र के लिए नहीं, बल्कि सरकार तक व्यापारियों की सामूहिक आवाज पहुंचाने का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि व्यापारी डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने के पक्ष में हैं, लेकिन इसकी लागत का अतिरिक्त भार व्यापारियों पर नहीं डाला जाना चाहिए।

उन्होंने सरकार से व्यापारियों की मांग पर गंभीरता से विचार करने और प्रस्तावित MDR शुल्क पर पुनर्विचार कर राहत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जुड़े निर्णय लिए जाने चाहिए।

संघ के उपाध्यक्ष विपिन सिंघई ने बताया कि ‘नो UPI डे’ के दौरान संघ से जुड़े व्यापारियों ने एकजुट होकर अभियान में भाग लिया। UPI स्कैनरों पर काले रिबन बांधकर किया गया सांकेतिक विरोध अभियान का प्रमुख हिस्सा रहा।

थोक व्यापारी शंकर सचदेवा और शैलेंद्र लचकिया ने कहा कि सरकार के आह्वान पर व्यापारियों ने डिजिटल पेमेंट और UPI व्यवस्था को अपनाया था तथा ग्राहकों को भी इसके लिए प्रोत्साहित किया। अब प्रस्तावित MDR शुल्क को लेकर व्यापारियों में चिंता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, लेकिन इसे व्यापारियों के लिए अतिरिक्त लागत का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर भोपाल के हनुमानगंज-जुमेराती बाजार में चावल-दाल व्यापारियों के ‘नो UPI डे’ के बारे में है, जहाँ उन्होंने UPI भुगतान पर प्रस्तावित MDR शुल्क के विरोध में अपनी दुकानों पर UPI स्वीकार न करने का निर्णय लिया। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह डिजिटल भुगतान प्रणाली पर व्यापारियों के असंतोष को उजागर करता है, जो आर्थिक नीतियों और व्यापारिक व्यवहार पर असर डाल सकता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि नकद लेनदेन में वृद्धि होगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया धीमी हो सकती है और व्यापारियों के लिए नकदी प्

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।