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UPI के नए MDR प्रावधानों पर NPCI ने साफ की तस्वीर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
UPI के नए MDR प्रावधानों पर NPCI ने साफ की तस्वीर

सितंबर 23, नई दिल्ली: UPI पेमेंट पर नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR को लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने स्थिति स्पष्ट की है। नए प्रावधान 15 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। इसके तहत आम यूजर्स और छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए कई लेनदेन को MDR के दायरे से बाहर रखा गया है।

नए नियमों के तहत पर्सन-टू-पर्सन यानी P2P UPI ट्रांजैक्शन पहले की तरह मुफ्त रहेंगे। वहीं, 2 हजार रुपये तक के पर्सन-टू-मर्चेंट यानी P2M भुगतान पर भी MDR नहीं लगेगा। 2 हजार रुपये से अधिक के पात्र P2M ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। 75 हजार रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा।

NPCI के मुताबिक, इस व्यवस्था का उद्देश्य UPI इकोसिस्टम के लिए टिकाऊ वित्तीय मॉडल तैयार करना है, ताकि डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, ग्राहक सेवा और तकनीकी नवाचार में लगातार निवेश किया जा सके। नए ढांचे के तहत MDR का भार ग्राहकों पर डालने की अनुमति नहीं होगी।

NPCI के एमडी और सीईओ दिलीप अस्बे ने कहा है कि नए MDR फ्रेमवर्क में ग्राहकों और छोटे कारोबारियों के हितों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वर्ष में करीब 13 हजार से 15 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटने का अनुमान है। इस राजस्व का एक हिस्सा छोटे कारोबारियों को UPI अपनाने और उसका इस्तेमाल बढ़ाने में सहयोग देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

अस्बे के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में UPI इकोसिस्टम में करीब 75 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जबकि इसके संचालन की वार्षिक लागत करीब 21 हजार करोड़ रुपये है। उनके अनुसार, UPI के लगातार विस्तार को देखते हुए डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना जरूरी है।

NPCI का कहना है कि नए MDR से मिलने वाला राजस्व UPI नेटवर्क की सुरक्षा, लचीलापन, ग्राहक सेवा और तकनीकी विकास में निवेश को बढ़ावा देगा। लंबे समय में इसका उद्देश्य UPI इकोसिस्टम को सरकारी सब्सिडी पर निर्भरता से हटाकर आर्थिक रूप से टिकाऊ डिजिटल भुगतान मॉडल की ओर ले जाना है।

फ़ाइल फ़ोटो

💡 पृष्ठभूमि (Background)

UPI पेमेंट पर नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के नियम 15 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। NPCI ने स्पष्ट किया है कि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे और छोटे कारोबारियों व आम उपयोगकर्ताओं के लिए कुछ लेनदेन MDR से बाहर रखे जाएँगे। यह विषय डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाता है, क्योंकि यह व्यापारियों के लागत को घटाता है और उपभोक्ताओं को अधिक किफायती सेवाएँ देता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि UPI के माध्यम से खरीदारी और भुगतान करते समय कम शुल्क लगेगा, जिससे डिजिटल ले

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।