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ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 70 शिक्षकों को किया सम्मानित:शिक्षक दिवस पर मऊ में 57 सेवानिवृत्त और 13 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 70 शिक्षकों को किया सम्मानित:शिक्षक दिवस पर मऊ में 57 सेवानिवृत्त और 13 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

मऊ जिले के दोहरीघाट शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गोंठा प्रथम बीआरसी परिसर में शनिवार शाम शिक्षक दिवस पर एक शैक्षिक संगोष्ठी और शिक्षक सम्मान समारोह हुआ। इस कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति, डिजिटल दौर में शिक्षकों की बदलती भूमिका और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर चर्चा की गई। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा मुख्य अतिथि थे।

उन्होंने 57 सेवानिवृत्त और 13 उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों समेत कुल 70 शिक्षकों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एके शर्मा और विशिष्ट अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय ने की। उन्होंने मां सरस्वती और डॉ.

सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर फूल चढ़ाए और दीप जलाया। इसके बाद प्राथमिक शिक्षक संघ दोहरीघाट के ब्लॉक अध्यक्ष आशीष राय और बृजेश यादव समेत दूसरे शिक्षकों ने मंत्री का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। समारोह में परिषदीय विद्यालयों की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।

छात्राओं की प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद लोगों का मन मोह लिया। लोकगीत गायक बच्चा मासूम ने भी गजल और लोकगीत गाकर कार्यक्रम में रंग जमा दिया। कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक समाज का नायक होता है। वह सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता भी है।उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा किसी भी देश के विकास की नींव होती है और डिजिटल दौर में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्रप्रेम की भावना देना भी शिक्षक का फर्ज है। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा को बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव बताया। एके शर्मा ने शिक्षकों से पूरी ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों को निभाने की अपील की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय ने कहा कि शिक्षक के मार्गदर्शन से ही युवा देश को प्रगति के पथ पर ले जाते हैं।

सीमित संसाधनों के बावजूद सरकारी विद्यालयों के शिक्षक बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों में रटने के बजाय सोचने, समझने और सवाल पूछने की क्षमता विकसित करनी होगी। खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा कि निपुण लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शिक्षकों को अतिरिक्त प्रयास करना होगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का आईना है और अच्छे नागरिकों का निर्माण करना उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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