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US के 100 फीसदी टैरिफ पर भड़का चीन, ट्रंप को दी नसीहत

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
US के 100 फीसदी टैरिफ पर भड़का चीन, ट्रंप को दी नसीहत

अमेरिकी कांग्रेस ने एक ऐसा कानून पारित क‍िया है, जिसके तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों के सामान पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाया जा सकता है.

रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार होने के नाते चीन ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है.

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग का किसी भी देश के साथ आर्थिक और व्यापारिक सहयोग किसी तीसरे को टारगेट नहीं करता है. अमेरिका पर भड़का चीन

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा, 'चीन का किसी भी देश के साथ ट्रेड रिलेशन तीसरे पक्ष के दवाब के बिना होना चाहिए.

चीन लॉन्ग-आर्म ज्यूरिस्डिक्शन और एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध करता है, जिनका अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है और जिन्हें UN सुरक्षा परिषद का अधिकार नहीं मिला है.' बिल को मंजूरी देने की सिफारिश

अमेरिकी संसद से पास ये बिल अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएगा, जिनके इसके कानून बनने के लिए हस्ताक्षर करने की उम्मीद है. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 16 सितंबर को 'लिंडसे ओ.

ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026' को 262 बनाम 159 मतों से पारित किया. इससे पहले 7 अगस्त को सीनेट ने भी इसे 86 बनाम 11 मतों से मंजूरी दी थी. ट्रंप के सलाहकारों ने भी इस विधेयक को मंजूरी देने की सिफारिश की है.

इस कानून का उद्देश्य यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को जारी रखने के लिए मिलने वाले आर्थिक संसाधनों को कम करना है. रूस से तेल खरीदने पर 100 फीसदी टैरिफ का प्रावधान

इसके तहत रूसी अधिकारियों, बैंकों, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं और रूस के सैन्य अभियानों का समर्थन करने वाली विदेशी संस्थाओं को निशाना बनाया गया है.

हाउस वेज एंड मीन्स कमेटी के अनुसार, इस विधेयक में रूसी उत्पादों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है.

साथ ही, रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों से आने वाले सामान पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाया जा सकता है.

ये प्रावधान उन बड़े देशों पर लागू होंगे जो रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा आयात करते हैं या रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों को दरकिनार करने में मदद करते हैं.

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि हर 180 दिन में समीक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर अन्य देशों को भी इस सूची में जोड़ा जा सकता है.

सीनेटर केटी ब्रिट के कार्यालय के अनुसार, जिन देशों की ओर से रूस से आयात की जाने वाली प्राकृतिक गैस रूस के कुल गैस निर्यात का 15 फीसदी से कम है और जो अपनी खरीद कम करने के लिए गंभीर कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट दी जा सकती है.

📡 स्रोत: NewsData.io

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