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US-India Defense Partnership में नया कदम, Tata और Javelin Joint Venture के बीच MoU का US दूत ने किया स्वागत

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
US-India Defense Partnership में नया कदम, Tata और Javelin Joint Venture के बीच MoU का US दूत ने किया स्वागत

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को 'जैवलिन जॉइंट वेंचर' (लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन की साझेदारी) और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) के बीच भारत में 'जैवलिन ऑल-अप-राउंड' मिसाइलों के संयुक्त उत्पादन के लिए हुए समझौते (MoU) का स्वागत किया।

उन्होंने इसे अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी के लिए एक "बड़ा कदम" बताया। एक्स पर एक पोस्ट में गोर ने कहा कि यह सहयोग अमेरिकी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, अमेरिकी रक्षा-औद्योगिक आधार को मजबूत करेगा और भारत की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देगा।

इसे भी पढ़ें: US Open Tennis Tournament: कार्लोस अल्काराज़ ने सीधे सेटों में जीत दर्ज कर दूसरे दौर में किया प्रवेश उन्होंने कहा यह अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यह सहयोग अमेरिकी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, अमेरिका के रक्षा-औद्योगिक आधार को मजबूत करेगा और भारत की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाएगा।" 31 अगस्त को, Lockheed Martin India ने अपने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, साझेदारी वाले 'जैवलिन जॉइंट वेंचर' ने भारत में 'जैवलिन ऑल-अप-राउंड' का संयुक्त रूप से उत्पादन करने के लिए @tataadvanced के साथ एक MOU पर हस्ताक्षर किए हैं।

इन कंपनियों की तरफ़ से जारी एक जॉइंट प्रेस रिलीज़ के अनुसार, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और जैवलिन जॉइंट वेंचर (जो रेथियॉन और लॉकहीड मार्टिन की पार्टनरशिप है) के बीच हुए समझौते (MoU) में देश के अंदर जैवलिन ऑल-अप-राउंड (AUR) मिसाइल के को-प्रोडक्शन (संयुक्त उत्पादन) की बात शामिल है।

भविष्य में देश के अंदर को-प्रोडक्शन के लिए मुख्य पार्टनर के तौर पर टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड को कई कंपनियों की क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता के आधार पर चुना गया है।

इसे भी पढ़ें: व्हाइट हाउस में 40 करोड़ डॉलर के बॉलरूम निर्माण को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी इस समझौते के तहत, दोनों पक्ष भारत में एक डेडिकेटेड फ़ाइनल असेंबली और इंटीग्रेशन फ़ैसिलिटी बनाने के साथ-साथ कंपोनेंट बनाने की क्षमताएं विकसित करने पर विचार कर रहे हैं, ताकि भविष्य में उत्पादन की ज़रूरतों को पूरा किया जा सके और इंडो-पैसिफ़िक क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा दिया जा सके।

यह को-प्रोडक्शन पहल अमेरिकी सप्लाई चेन को भारतीय असेंबली लाइनों से जोड़ती है। सब-असेंबली किट का कई सालों तक उत्पादन अलाबामा में लॉकहीड मार्टिन की ट्रॉय फ़ैसिलिटी में होगा, जबकि गाइडेंस इलेक्ट्रॉनिक्स यूनिट्स एरिज़ोना में रेथियॉन की टक्सन फ़ैसिलिटी से आएंगी।

इसके बाद इन कंपोनेंट्स को फ़ाइनल असेंबली और इंटीग्रेशन के लिए भारत भेजा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर हाई-टेक नौकरियां पैदा होंगी और साथ ही अमेरिका में भी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी नौकरियां बनी रहेंगी।

जैवलिन जॉइंट वेंचर के वाइस प्रेसिडेंट और लॉकहीड मार्टिन जैवलिन के प्रोग्राम डायरेक्टर रिच लिसियन ने कहा, "भारत में जैवलिन की फ़ाइनल असेंबली और इंटीग्रेशन के लिए एक डेडिकेटेड फ़ैसिलिटी स्थापित करने के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के साथ साझेदारी करना, इस महत्वपूर्ण एंटी-टैंक हथियार प्रणाली के लिए एक मज़बूत सप्लाई चेन सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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