US की मदद करना मतलब युद्ध में शामिल होना, ईरान की सीधी वॉर्निंग

दोनों देशों के अड़ियल रुख के कारण कूटनीति की गुंजाइश लगभग खत्म हो गयी है। ईरान अब किसी भी अस्थायी विराम के पक्ष में नहीं है, क्योंकि उसका मानना है कि इससे अमेरिका और उसके सहयोगियों को दोबारा संगठित होने का मौका मिल जाएगा।
📡 स्रोत: NewsData.io