'US का राज्य बने बिना फायदे चाहता है कनाडा', टैरिफ वॉर के बीच राष्ट्रपति ट्रंप का पलटवार

Donald Trump: कनाडा के साथ ट्रेड डील टूटने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पड़ोसी देश कनाडा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ओटावा एक राज्य न होने के बावजूद राज्य होने का फायदा उठाना चाहता है. साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा सालों से वॉशिंगटन से पैसे वसूल रहा है, जिसे वे अब और बर्दाश्त नहीं कर सकते.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "कनाडा एक राज्य बने बिना ही राज्य होने के फायदे चाहता है.
उन्होंने कई सालों तक हमारे महान किसानों से भारी टैरिफ भी वसूले हैं. अब और नहीं." बता दें कि ट्रंप का ये बयान उनके पुराने बयान जैसा है. क्यों कि ट्रंप पहले भी कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनने का ऑफर दे चुके हैं.
अमेरिका ने कनाडा पर लगाया 50 फीसदी टैरिफ बता दें कि इस हफ्ते अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड डील नहीं हो पाई. उसके बाद वॉशिंगटन ने 20 अरब डॉलर के कनाडाई उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया.
वॉशिंगटन के इस कदम पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और डील टूटने के लिए अमेरिकियों द्वारा "आखिरी समय में किए गए बदलावों" को जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा प्रस्तावित शर्तें "अनुचित और आर्थिक रूप से नुकसानदेह" थीं और डील की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. Canada wants the benefits of being a State, without being one!!! They have also charged our great farmers, for many years, massive amounts of Tariffs. No more!!!
President DJT ( TS: Aug 23 2026, 1:06 AM ET ) pic.twitter.com/KlCQskGkFw — Commentary Donald J.
Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) August 23, 2026 'आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं थी अमेरिका की नई शर्तें' कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शनिवार को कहा कि, "हाल के दिनों में, अमेरिका ने ऐसी नई शर्तें रखीं जो आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं थीं, अनुचित थीं और कनाडा को मिलने वाले कुल फायदों को कम करती थीं.
साथ ही, इन शर्तों ने किसी भी समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए." उन्होंने आगे कहा, "उन्होंने जो पेशकश की है, हम उसे स्वीकार नहीं कर सकते और उन्होंने जो मांगा है, हम वह नहीं देंगे." क्यों टूटा दोनों देशों का समझौता? कनाडा ने ट्रंप प्रशासन से ऑटो, स्टील और एल्युमीनियम के मामले में राहत मांगी थी.
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के मुताबिक, वाशिंगटन इन पर टैरिफ कम करने के लिए सहमत हो गया था. शनिवार को न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) से बात करते हुए ग्रीर ने कहा कि इससे कनाडा को "किसी भी अन्य व्यापारिक साझेदार की तुलना में सबसे बेहतर व्यवहार" मिलता.
लेकिन बाद में, कार्नी ने कहा कि समझौता इसलिए टूटा क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने कनाडा के अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों पर कुछ प्रतिबंध लगा दिए थे. उन्होंने कहा कि अमेरिकी वार्ताकारों ने फ्रेंच भाषा और "क्यूबेक संस्कृति" के लिए भी अस्वीकार्य "धमकियां" दीं.
उन्होंने पूर्वी कनाडा के फ्रेंच-भाषी प्रांत क्यूबेक का जिक्र करते हुए यह बात कही. डेमोक्रेकिटक सांसदों ने भी जताई नाराजगी बढ़ते ट्रेड वॉप पर विपक्षी डेमोक्रेटिक सांसदों और मिनेसोटा, न्यूयॉर्क और वाशिंगटन जैसे सीमावर्ती राज्यों के गवर्नरों ने नाराजगी जताई.
उन्होंने इस अफरातफरी के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया, जिससे अमेरिकी व्यवसायों और परिवारों पर लागत बढ़ जाएगी. वहीं न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया.
जिसमें उन्होंने लिखा, "बिना वजह हमारे सहयोगियों से झगड़ा करना और देश में कीमतें बढ़ाना- संक्षेप में यही ट्रंप की आर्थिक नीति है." खबर अभी अपडेट हो रही है....
📡 स्रोत: NewsData.io