US विदेश मंत्री मार्को रुबियो इसी महीने आ रहे भारत, मुंबई-जामनगर का करेंगे दौरा
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Marco Rubio: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अक्टूबर में भारत के दौरे पर आएंगे. इस दौरान वह मुंबई और जामनगर जाएंगे और भारतीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.
इन बैठकों में भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने, ऊर्जा सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी.
अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से मंगलवार को जारी जानकारी के मुताबिक, रुबियो 17 से 22 अक्टूबर के बीच भारत और उज्बेकिस्तान का दौरा करेंगे. वह पहले उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे और इसके बाद भारत पहुंचेंगे.
इस साल यह उनकी दूसरी आधिकारिक भारत यात्रा होगी. भारत दौरे के दौरान रुबियो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे.
इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी की नई संभावनाएं तलाशना है. इसके अलावा, वह कारोबारी नेताओं से भी मिलेंगे.
इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होगी.
पहले उज्बेकिस्तान में C5+1 बैठक में होंगे शामिल भारत आने से पहले रुबियो उज्बेकिस्तान में आयोजित होने वाली C5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होंगे.
इस मंच पर उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिज गणराज्य के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. रुबियो इन देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे.
उनके साथ 200 से ज्यादा कारोबारी नेताओं का अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी उज्बेकिस्तान जाएगा.
इसका उद्देश्य अमेरिका और मध्य एशियाई देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना है. क्यों खास है भारत दौरा?
रुबियो का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब दोनों देशों के बीच रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.
सोमवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का जिक्र किया था.
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में बातचीत हुई थी.
कोलकाता में अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में गोर ने भारत को अमेरिका का अहम साझेदार बताया.
उन्होंने रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए हालिया सैन्य अभ्यासों का भी उल्लेख किया.
तरंग शक्ति अभ्यास में 500 से ज्यादा सैनिक शामिल गोर के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों में तरंग शक्ति अभ्यास में 500 से ज्यादा सैनिकों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा, राजस्थान में पहली बार एफ-35 लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन किया गया.
उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग पर जोर दिया.
उनके अनुसार, भारत और अमेरिका की कंपनियां एक-दूसरे के देशों में निवेश कर रही हैं और उत्पादन इकाइयां स्थापित कर रही हैं.
📡 स्रोत: NewsData.io