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उत्कल समाज द्वारा आज नुआखाई का पर्व मनाया जा रहा है।

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्कल समाज द्वारा आज नुआखाई का पर्व मनाया जा रहा है।

उत्कल समाज द्वारा आज नुआखाई का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन नये धान और नवान्न का सबसे पहले ईष्ट देवता को भोग लगाकर ग्रहण किया जाता है। ऋषि पंचमी के दिन आयोजित होने वाले नुआखाई पर उत्कल समाज द्वारा प्रदेषभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नुआखाई के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि इस पर्व पर किसानों, फसल और भाईचारे की भावना का उत्सव मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नुआखाई के अवसर पर उत्कल समाज के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नुआखाई, समृद्ध कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

उत्काल समाज आज नुआखाई पर्व मनाकर नई फसल के लिए ईष्ट देवता को भोग अर्पित कर रहा है। यह पर्व कृषि के लिए शुभ माना जाता है और किसानों के बीच उम्मीद जगाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस अवसर पर शुभकामनाएँ दीं, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर कृषि के प्रति जागरूकता बढ़ी। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि नुआखाई पर भोग-भोग के रीति-रिवाज से फसल की समृद्धि की कामना की जाती है, और मोदी की बधाई से किसानों को मनोबल मिलता है। परिणामस्वरूप, ग्रामीण जनता में उत्साह और कृषि उत्पादन के प्रति विश्वास बढ़ सकता है।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

नुआखाई के इस पावन अवसर पर हम सभी को याद दिलाना चाहिए कि सांस्कृतिक परंपराओं के साथ-साथ समाज में शांति और समरसता को भी बढ़ावा देना ज़रूरी है। जब किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न हो, तो संवाद और कानूनी रास्तों का सहारा लेकर समाधान ढूंढें। किसान और आम जनता को अपनी मेहनत का फल मिलना चाहिए, इसलिए हमें एकजुट होकर उनके हितों की रक्षा करनी चाहिए। इस पर्व पर हम सब मिलकर एक बेहतर, सहिष्णु और समृद्ध समाज की दिशा में कदम बढ़ाएँ।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।