भोपाल

उत्पाद प्रदर्शनी, आत्मनिर्भर भारत के बढ़ते कदमों की मिसाल: राज्यपाल श्री पटेल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्पाद प्रदर्शनी, आत्मनिर्भर भारत के बढ़ते कदमों की मिसाल: राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि यह प्रदर्शनी, भारत के गाँवों की कलात्मक क्षमता, कठिन परिश्रम और आत्मनिर्भर भारत के बढ़ते कदमों की उत्कृष्ट मिसाल है। ऐसे आयोजन, विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति, खान-पान, परंपराओं और उनकी विविधताओं में समाई भारत की एकता का परिचय देते हैं। “एक भारत - श्रेष्ठ भारत” की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं।

उन्होंने कहा कि उत्पाद मेले हुनरमंद कारीगरों विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को नई ऊचाई देते हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने सभी का आह्वान किया कि महोत्सव में जरूर आए, उत्पादों को देखे, भारत की महान कला-संस्कृति का परिचय प्राप्त करें।

उत्पादों को खरीद कर हुनरमंद कारीगरों को प्रोत्साहन और समर्थन दें।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि नाबार्ड कौशल विकास, आजीविका और उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण युवाओं तथा महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बना रहा है। स्व सहायता समूह की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने हुनरमंद और जरूरतमंद कारीगरों को एक मंच पर लाने के प्रयासों के लिए नाबार्ड, मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, ओजस्विनी फाउंडेशन और सहयोगियों की सराहना की। राज्यपाल श्री पटेल ने भोपाल में भारत की सांस्कृतिक विविधता, ग्रामीण कौशल और आर्थिक आत्मनिर्भरता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए सभी को बधाई दी।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इन विशेष महोत्सवों को विशेष प्रोत्साहन और सक्रियता की आवश्यकता होती है। त्यौहारों के समय में ऐसे आयोजन, स्थानीय शिल्प और कलाकारों को अच्छा प्रोत्साहन दे सकते हैं। सभी आयोजक और सहयोगी अपने स्तर पर मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। नवाचारों के साथ उत्पादों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाएं।

राज्यपाल श्री पटेल ने राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उनका पुष्पगुच्छ, शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। उन्होंने मध्यप्रदेश और देशभर के विभिन्न शिल्प उत्पादों का अवलोकन भी किया। शिल्प कारीगरों से आत्मीय चर्चा की और उनके उत्पादों की सराहना की।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।