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उत्तराखंड: 31वीं वाहिनी पीएसी के 56वें स्थापना दिवस पर चार दिवसीय मेले का आयोजन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: 31वीं वाहिनी पीएसी के 56वें स्थापना दिवस पर चार दिवसीय मेले का आयोजन

Slug- 31वीं वाहिनी पीएसी स्थापना दिवस

Category- पुलिस, पीएसी, रुद्रपुर

उत्तराखंड: 31वीं वाहिनी पीएसी के 56वें स्थापना दिवस पर चार दिवसीय मेले का आयोजन

एंकर- उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर में 31वीं वाहिनी पीएसी के 56वें स्थापना दिवस के अवसर पर चार दिवसीय मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मेले का शुभारंभ पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं निवेदिता कुकरेती ने किया। उन्होंने पुलिस मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया।

इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती ने कहा कि पीएसी के जवानों की तैनाती अक्सर अलग-अलग स्थानों पर रहती है, ऐसे में यह अवसर पूरी बटालियन को एक साथ उत्सव मनाने का मौका देता है। उन्होंने कहा कि मेले के माध्यम से पुलिसकर्मियों को एक ही स्थान पर जरूरत की विभिन्न वस्तुएं उपलब्ध होती हैं और स्थानीय समूहों को भी इससे सहयोग मिलता है।

बाइट- निवेदिता कुकरेती, पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊं

💡 पृष्ठभूमि (Background)

31वीं वाहिनी पीएसी, जिसे 56 वर्ष पुराना पुलिस विभाग कहा जाता है, रुद्रपुर में अपनी स्थापना के 56वें वर्षगांठ पर चार दिवसीय मेले का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम पुलिस और नागरिकों के बीच संवाद बढ़ाने और समाज में कानून-व्यवस्था की जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से है। ऐसे आयोजन से पुलिस की छवि सुधरती है और जनता को सुरक्षा के प्रति विश्वास मिलता है। इसके अलावा, मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएँ और शैक्षणिक सेमिनार शामिल हैं, जो स्थानीय युवाओं को प्रेरित करते हैं और सामाजिक एकजुटता को बढ

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

रुद्रपुर में 31वीं वाहिनी पीएसी के 56वें स्थापना दिवस पर चार दिवसीय मेले के दौरान, पुलिस और समाज के बीच विश्वास बढ़ाने का अवसर मिला। यह कार्यक्रम हमें याद दिलाता है कि सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास ज़रूरी है। किसी भी विवाद में शांतिपूर्ण संवाद और कानूनी मार्ग अपनाने से समाज में शांति बनी रहती है। आइए हम सब मिलकर एक सुरक्षित, समावेशी और सहानुभूतिपूर्ण समाज का निर्माण करें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।