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उत्तराखंड: बागेश्वर में हिंदी शिक्षण को रोचक बनाने के लिए कार्यशाला आयोजित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: बागेश्वर में हिंदी शिक्षण को रोचक बनाने के लिए कार्यशाला आयोजित

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर में भाषा उत्कृष्टता केंद्र के तत्वावधान में आयोजित लेखन एवं सामग्री निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में शिक्षकों और प्रशिक्षुओं को विद्यालयी शिक्षा में हिंदी भाषा के शिक्षण को अधिक प्रभावी, रुचिकर और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

इस दौरान प्रतिभागियों ने बेकार पड़ी सामग्री का रचनात्मक उपयोग करते हुए हिंदी भाषा शिक्षण के लिए विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्री तैयार की। इन सामग्रियों के माध्यम से हिंदी वर्णमाला, शब्द ज्ञान, वाक्य रचना और व्याकरण को सरल तरीके से सिखाने के प्रयास किए गए। प्रतिभागियों ने बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं से आकर्षक एवं उपयोगी शैक्षिक मॉडल बनाए।

कार्यक्रम समन्वयक कुंदन सिंह रावत ने बताया कि शैक्षिक मॉडल का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए हिंदी सीखने की प्रक्रिया को आसान, रोचक और गतिविधि आधारित बनाना रहा। प्रशिक्षुओं के मुताबिक कार्यशाला उनके लिए काफी उपयोगी रही। प्रशिक्षण के दौरान हिंदी भाषा के शुद्ध प्रयोग, व्याकरण और प्रभावशाली लेखन के साथ ही शिक्षण सामग्री को रोचक एवं सरल तरीके से तैयार करने की नई जानकारियां मिलीं।

बाइट 1- कुंदन सिंह रावत, कार्यक्रम समन्वयक

बाइट 2- किसलय आगरी, प्रशिक्षु

बाइट 3- राकेश चौहान, प्रशिक्षु

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।