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उत्तराखंड: बागेश्वर में शिक्षकों को आर्ट और खिलौना आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: बागेश्वर में शिक्षकों को आर्ट और खिलौना आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर में इंटीग्रेटेड लर्निंग के तहत पांच दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में शिक्षकों को आर्ट, क्राफ्ट और खिलौना आधारित शिक्षण पद्धतियों के साथ बाल-केंद्रित टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें जिले के विभिन्न विकासखंडों से करीब 40 शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं।

पपेट, पेपर क्राफ्ट, कोलाज और पेपर मैशे जैसी गतिविधियों के जरिए कठिन विषयों को बच्चों के लिए सरल और रोचक बनाने पर जोर है। मास्टर ट्रेनर डॉ. हरीश दफौटी ने बताया कि गतिविधि आधारित और बाल-केंद्रित शिक्षण से बच्चों की सीखने में रुचि और सहभागिता बढ़ाई जा सकती है। वहीं, कार्यक्रम समन्वयक डॉ.

रुचि पाठक ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग को बढ़ावा देना और शिक्षकों को उपयोगी टीएलएम तैयार करने में दक्ष बनाना है।

बाइट 1- डॉ. हरीश चंद्र जोशी, विभागाध्यक्ष

बाइट 2- डॉ. हरीश दफौटी, मास्टर ट्रेनर

बाइट 3- डॉ. रुचि पाठक, कार्यक्रम समन्वयक

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर में बताया गया है कि उत्तराखंड के बागेश्वर में शिक्षकों को आर्ट और खिलौना आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण इंटीग्रेटेड लर्निंग के तहत पांच दिवसीय कार्यशाला के रूप में आयोजित किया गया है, जहाँ पपेट, पेपर क्राफ्ट, कोलाज और पेपर मैशे जैसी गतिविधियों के माध्यम से बाल-केंद्रित टीचिंग‑लर्निंग मैटेरियल तैयार करना सिखाया जा रहा है। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शिक्षण को रचनात्मक और खेल‑आधारित बनाकर छात्रों के समग्र विकास में मदद करती है। यदि शिक्षकों द्वारा इन तरीको

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।