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उत्तराखंड: भवाली-कैंचीधाम बाईपास पर कार के ऊपर गिरा पेड़, दो लोग बाल-बाल बचे

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: भवाली-कैंचीधाम बाईपास पर कार के ऊपर गिरा पेड़, दो लोग बाल-बाल बचे

Slug- भवाली पेड़ हादसा

Category- Rain, Accident, Nainital, Bhowali

उत्तराखंड: भवाली-कैंचीधाम बाईपास पर कार के ऊपर गिरा पेड़, दो लोग बाल-बाल बचे

एंकर- उत्तराखंड के नैनीताल जिले के भवाली में सेनिटोरियम-कैंचीधाम बाईपास मार्ग पर जाबर नाले के पास बारिश के दौरान एक भारी पेड़ कार के ऊपर गिर गया। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार दो लोग पेड़ और मलबे के बीच फंस गए। जानकारी के अनुसार भवाली गांव निवासी सिकंदर गौरव और हिमांशु टम्टा कार से घर लौट रहे थे।

जाबर नाले के पास अचानक सड़क किनारे का पेड़ कार पर गिर गया। पेड़ गिरने से कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और स्टेयरिंग सिकंदर के पेट के पास आकर लग गया। वहीं आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को कार से बाहर निकाला। पेड़ और मलबा सड़क पर गिरने से बाईपास मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। लगातार बारिश के बीच लोक निर्माण विभाग की टीम ने जेसीबी की मदद से पेड़ और मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया।

कैप्शन- भवाली-कैंचीधाम बाईपास मार्ग पर बारिश के दौरान कार पर गिरा पेड़, जेसीबी से हटाया गया मलबा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भवाली-कैंचीधाम बाईपास पर बारिश के दौरान एक भारी पेड़ कार के ऊपर गिरने की घटना है। यह दुर्घटना नैनीताल जिले के भवाली में हुई, जहाँ जाबर नाले के पास पेड़ गिरा, जिससे कार गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई और दो सवार फंस गए। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सड़क सुरक्षा और वन प्रबंधन के बीच के संबंध को उजागर करती है, तथा दिखाती है कि प्राकृतिक आपदाएँ भी यातायात दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग वन्य क्षेत्र के पास सड़कों पर चलने में अधिक सतर्क रहें, और स्थानीय प्रशास

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

भवाली के बाईपास पर पेड़ के गिरने से दो लोग बाल-बाल बचे, इस घटना से हमें प्रकृति के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता का एहसास होता है। जब मौसम बदलता है, तो पेड़ों की जड़ें और तने की मजबूती की जाँच अनिवार्य हो जाती है। सरकार और स्थानीय निकायों को निगरानी बढ़ानी चाहिए, ताकि ऐसे हादसे रोके जा सकें। इस दुखद घटना से हमें यह सीख मिलती है कि सुरक्षा के प्रति जागरूकता और त्वरित कार्रवाई से जानें बचाई जा सकती हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।