उत्तराखंड: चमोली में औषधीय खेती से किसानों को 5 करोड़ का लाभ
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उत्तराखंड के जनपद चमोली में औषधीय पौधों की खेती ग्रामीणों और स्थानीय किसानों की आजीविका का मजबूत जरिया बन रही है। भेषज संघ की ओर से कुटकी सहित विभिन्न औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए काश्तकारों को पौधे और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।
भेषज संघ चमोली ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में औषधीय पौधों के उत्पादन और विपणन के माध्यम से काश्तकारों को करीब पांच करोड़ रुपये का लाभ दिलाया है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस अभियान को विस्तार देते हुए 600 किसानों को 10 लाख से अधिक औषधीय पौधों के पौधे वितरित किए गए हैं। इससे जहां ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं पलायन रोकने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
भेषज संघ चमोली के अध्यक्ष सत्येंद्र असवाल ने बताया कि संघ की ओर से पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में काश्तकारों को पांच करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक लाभ पहुंचाया गया है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 600 किसानों को 10 लाख से अधिक औषधीय पौधों के पौधे उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं जनपद के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना, उनकी आय बढ़ाना और पलायन पर प्रभावी रोक लगाना है।
बाइट 1- प्रमोद बिष्ट, स्थानीय युवा
बाइट 2- सत्येंद्र असवाल, अध्यक्ष, भेषज संघ चमोली