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उत्तराखंड: चमोली में भालू की बढ़ती चहलकदमी से दहशत

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: चमोली में भालू की बढ़ती चहलकदमी से दहशत

चमोली के अलग-अलग क्षेत्रों में एक बार फिर भालू की बढ़ती चहलकदमी से लोगों में दहशत का माहौल है। लगातार भालू दिखाई देने और मवेशियों पर हमले की घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल है। बीते दिनों पोखरी क्षेत्र के कई गांवों में भालू ने मवेशियों को अपना निवाला बनाया था, जिसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई थी।

ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू के आतंक से निजात दिलाने के साथ ही क्षेत्र में ग्रामीणों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। वहीं, वन विभाग की ओर से पोखरी क्षेत्र में लगातार टीमें तैनात की गई हैं। विभाग ड्रोन और वीडियो कैमरों के जरिए भालू की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।

उप प्रभागीय वन अधिकारी मोहन सिंह नेगी के नेतृत्व में गठित टीम लगातार पूरे क्षेत्र में गश्त कर रही है। इसके साथ ही ड्रोन और वीडियो कैमरों के माध्यम से भालू की चहलकदमी पर नजर रखी जा रही है। केदारनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी रजत सुमन ने बताया कि विभाग की ओर से लोगों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

वन विभाग की टीम ग्रामीणों को जागरूक करते हुए सतर्क रहने की अपील भी कर रही है।

बाइट 1- मनवर सिंह नेगी, ग्रामीण

बाइट 2- रजत सुमन, प्रभागीय वन अधिकारी, केदारनाथ वन प्रभाग

💡 पृष्ठभूमि (Background)

उत्तराखंड के चमोली में भालू की बढ़ती चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। यह घटना वन्यजीव प्रबंधन और ग्रामीण सुरक्षा के बीच जटिल संतुलन को उजागर करती है। भालुओं का मवेशियों पर हमला और लगातार दिखाई देना किसानों के आजीविका पर खतरा पैदा कर रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान और मनोवैज्ञानिक तनाव दोनों बढ़ रहे हैं। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह वन विभाग की निगरानी और स्थानीय समुदायों के बीच विश्वासघात को दर्शाती है, और वन्यजीव संरक्षण तथा ग्रामीण विकास के बीच समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।