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उत्तराखंड: देहरादून में ‘किताब कौतिक’ मेले में उमड़ी पाठकों की भीड़

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 24 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: देहरादून में ‘किताब कौतिक’ मेले में उमड़ी पाठकों की भीड़

देहरादून के दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय ‘किताब कौतिक’ पुस्तक मेले के दूसरे दिन भी पाठकों की भीड़ उमड़ी। 25 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेले में छात्र-छात्राओं और साहित्य प्रेमियों ने विभिन्न प्रकाशकों के स्टॉल पर पहुंचकर पुस्तकों में रुचि दिखाई। पूर्व डी.जी.पी. अनिल रतूड़ी ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किताबें ज्ञान, विवेक और संस्कार विकसित करने में अहम भूमिका निभाती हैं।

वहीं, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि बच्चों में बचपन से पढ़ने की आदत विकसित करने से उनका सकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण होता है। किताब कौतिक के संयोजक हेम पंत ने बताया कि उत्तराखंड में इस आयोजन का यह 16वां संस्करण है। मेले का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

यहां अलग-अलग रुचियों और आयु वर्ग के पाठकों के लिए विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हैं।

बाइट 1-अनिल रतूड़ी, पूर्व डी.जी.पी., उत्तराखंड

बाइट 2-हेम पंत, संयोजक, किताब कौतिक

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर देहरादून के दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में आयोजित ‘किताब कौतिक’ पुस्तक मेले के दूसरे दिन की भीड़ पर आधारित है। मेले का मुख्य विषय पुस्तकें और पढ़ने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, जहाँ छात्र-छात्राएँ और साहित्य प्रेमी विभिन्न प्रकाशकों के स्टॉल पर पुस्तकें देखने आए। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि डिजिटल युग में भी भौतिक पुस्तकों की मांग बनी हुई है और ज्ञान, विवेक तथा संस्कार के विकास में पुस्तकों का अहम योगदान है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग पढ़ने की आदत को पुनः

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।