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उत्तराखंड: दिन पर धर्मनगरी हरिद्वार में गंगाबंदी खत्म

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: दिन पर धर्मनगरी हरिद्वार में गंगाबंदी खत्म

गंगा बंदी समाप्त होने के बाद धर्मनगरी हरिद्वार में एक बार फिर मां गंगा की अविरल धारा लौट आई है। शनिवार रात उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने भीमगोड़ा बैराज से गंगाजल छोड़ दिया, जिसके बाद हरकी पैड़ी समेत तमाम गंगा घाटों पर रौनक लौट आई है। दीपावली के पावन अवसर पर गंगा में स्नान कर श्रद्धालु भी उत्साहित नजर आ रहे हैं।

दूर दराज से हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालुओं को भी दीपावली के दिन गंगा में डुबकी लगाने का अवसर मिला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हर साल दशहरा से छोटी दीपावली की रात तक गंगनहर बंदी के तहत मरम्मत और रखरखाव का काम किया जाता है। इस बार भी 18 दिनों तक गंगनहर बंदी रही। रविवार को हरकी पैड़ी पर जलस्तर सामान्य हुआ तो तीर्थ पुरोहितों के साथ श्रद्धालुओं के चेहरे भी खिल उठे।

पुरोहितों का कहना है कि गंगा की धारा लौटने से दीपावली पर हरिद्वार की धार्मिक रौनक भी वापस आ गई है।

बाइट 1– अशोक, श्रद्धालु बाइट 2– बबलू, श्रद्धालु

बाइट 3– जितेंद्र पांडेय, पुरोहित, हरकी पैड़ी

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर उत्तराखंड के धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा की अविरल धारा के लौटने की है, जहाँ गंगाबंदी समाप्त होने के बाद गंगा जल फिर से बहने लगा। यह घटना धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि गंगा को पवित्र माना जाता है और उसके बहने से श्रद्धालुओं के लिए स्नान का पावन अवसर मिलता है। गंगा के बहने से हरिके पैड़ी और अन्य घाटों पर रौनक लौटती है, जिससे स्थानीय पर्यटन और धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़ोतरी होगी। आम जनता को यह अनुभव आध्यात्मिक संतुष्टि के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी लाभ पहुँचा सकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।