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उत्तराखंड: दीपावली पर नैनीताल की महिला समूहों के पारंपरिक उत्पादों की बढ़ी मांग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: दीपावली पर नैनीताल की महिला समूहों के पारंपरिक उत्पादों की बढ़ी मांग

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में दीपावली के त्योहार को लेकर बाजार सजने लगे हैं। महिला समूह भी तरह-तरह के पारंपरिक उत्पाद बनाने में जुटी हैं। इन महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बाजार में खूब मांग हो रही है। महिलाओं द्वारा बिजली की माला, ऊन से बनी माला, ऐपण कला से सजे हुए दीये, घड़ी, थालियां, गुल्लक और आरती की थालियां बनाई जा रही हैं।

पारंपरिक और पहाड़ी शैली में बने ये उत्पाद दिखने में बेहद आकर्षक हैं और लोग इन्हें हाथों हाथ खरीद रहे हैं। इससे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आजीविका में भी इजाफा हो रहा है। वहीं नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक नैनीताल मुकेश बेलवाल ने बताया कि जिले में लगभग 6000 महिला समूह कार्य कर रहे हैं जिन्हें नाबार्ड द्वारा प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

बाइट 1- पुष्पा, सदस्य, स्वयं सहायता समूह

बाइट 2- सोनालिका, सदस्य, स्वयं सहायता समूह

बाइट 3- मुकेश बेलवाल, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, नैनीताल

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।