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उत्तराखंड: दिव्यांग अभ्यर्थियों को निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: दिव्यांग अभ्यर्थियों को निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग

स्लग- दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए हाईटेक कोचिंग सेंटर

Category- शिक्षा / दिव्यांगजन सशक्तीकरण

उत्तराखंड: दिव्यांग अभ्यर्थियों को निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग

एंकर-उत्तराखंड के दूरस्थ गांवों में रहने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सिविल सेवा में जाने का सपना अब आसान हो रहा है। देहरादून में आधुनिक सुविधाओं से युक्त निःशुल्क कोचिंग सेंटर के जरिए गढ़वाल और कुमाऊं के अभ्यर्थियों को आईएएस और पीसीएस परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। ऑनलाइन कक्षाओं और साइन लैंग्वेज की सुविधा से विद्यार्थी अपने घरों से ही विशेषज्ञ शिक्षकों से जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप समाज कल्याण विभाग और राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान के संयुक्त प्रयासों से यह पहल संचालित की जा रही है। राजपुर रोड स्थित संस्थान में प्रतिदिन शाम चार से सात बजे तक ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। इनमें सामान्य अध्ययन, सीसैट, गणित और तार्किक क्षमता जैसे विषयों की तैयारी कराई जा रही है।दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग ने 19 लाख रुपये की लागत से हाईटेक साउंडप्रूफ कोचिंग रूम तैयार किया है।

इसमें 75 इंच की टीवी स्क्रीन, कंप्यूटर कंसोल, कैमरे और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी के अनुसार, विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही बैंकिंग और एसएससी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग भी शुरू की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देकर आत्मनिर्भर बनाना और उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

बाइट- डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी,सचिव, समाज कल्याण विभाग

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।