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उत्तराखंड में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों पर कार्रवाई तेज, अब तक 17 सील

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों पर कार्रवाई तेज, अब तक 17 सील

सितंबर 06, नई दिल्ली: उत्तराखंड में बिना मान्यता और निर्धारित शैक्षणिक मानकों के संचालित मदरसों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। देहरादून से हल्द्वानी तक गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को सील किया जा रहा है।

देहरादून में तीन मदरसों पर कार्रवाई हुई है। आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील कर दिया गया, जबकि आजाद कॉलोनी, मजरा स्थित मदरसा दार-ए-अरकम और मदरसा दारुल उलूम रहीमिया के प्रबंधन ने लिखित रूप से संचालन बंद करने की पुष्टि की है।

हल्द्वानी में भी दो गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को सील किया गया है। प्रशासन के मुताबिक, संबंधित संस्थानों से मान्यता से जुड़े जरूरी दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद नियमों के तहत सीलिंग की कार्रवाई की गई।

उत्तराखंड सरकार के अनुसार, अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य संस्थानों ने संचालन बंद करने की लिखित पुष्टि की है। इस तरह राज्य में कुल 20 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का संचालन बंद हो चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कोई भी शिक्षण संस्थान निर्धारित नियमों और मान्यता की शर्तों को पूरा किए बिना संचालित नहीं होगा। सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के भविष्य से जुड़े मानकों से समझौता नहीं करने की बात कही है। फ़ाइल फ़ोटो

💡 पृष्ठभूमि (Background)

उत्तराखंड में बिना मान्यता प्राप्त मदरसों पर कार्रवाई का विषय यह है कि इन संस्थानों ने शैक्षणिक मानकों का पालन नहीं किया है और इन्हें कानूनी मान्यता नहीं मिली है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे शिक्षा की गुणवत्ता और कानूनी ढाँचे का पालन सुनिश्चित होता है, तथा छात्रों को विश्वसनीय शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार सुरक्षित रहता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि छात्र और उनके परिवारों को वैध और मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों की खोज करनी पड़ेगी, जिससे शिक्षा के मानक में सुधार और अनियमित संस

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।