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उत्तराखंड: हरिद्वार: चेकिंग अभियान में 25 बसें सीज और 150 से अधिक वाहनों के चालान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: हरिद्वार: चेकिंग अभियान में 25 बसें सीज और 150 से अधिक वाहनों के चालान

स्लग- बस चेकिंग अभियान हरिद्वार

Category- यातायात / सड़क सुरक्षा

उत्तराखंड: हरिद्वार: चेकिंग अभियान में 25 बसें सीज और 150 से अधिक वाहनों के चालान

एंकर- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर मंगलवार को लालजीवाला पार्किंग में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। पिछले पांच दिनों से जारी इस कार्रवाई में अब तक करीब 25 बसें सीज की जा चुकी हैं, जबकि 150 से अधिक वाहनों के चालान किए गए हैं।

मंगलवार को 20 बसों के चालान किए गए और तीन बसें सीज की गईं। इसके अलावा 10 बसों की फिटनेस निरस्त करने की संस्तुति भेजी गई है। अभियान के दौरान बसों की तकनीकी स्थिति, जरूरी दस्तावेजों और परमिट की शर्तों की जांच की जा रही है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।

बाइट- निखिल शर्मा, एआरटीओ, हरिद्वार

💡 पृष्ठभूमि (Background)

हरिद्वार जिले में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने लालजीवाला पार्किंग पर 25 बसों और 150 से अधिक वाहनों की जाँच की, जिससे सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हुआ। यह अभियान सड़क पर चल रही अनियमित बसों और वाहनों को रोके, जिससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ी। ऐसे कदम से दुर्घटनाओं में कमी, इंधन की बचत और नियमों के पालन में जागरूकता बढ़ेगी। जनता को यह सन्देश मिलता है कि सरकार यातायात सुरक्षा पर गंभीर है, जिससे विश्वास और संतुष्टि बढ़ेगी।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

हरिद्वार में बसों के सीज़ और वाहनों के चालान से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा के प्रति सजग रहना आवश्यक है। नियमों का पालन न केवल यात्री जीवन बचाता है, बल्कि समाज में विश्वास भी जगाता है। हमें स्वयं को नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना चाहिए और दूसरों को भी यही प्रेरित करना चाहिए। जब हम अनुशासन अपनाते हैं, तब ही हम एक सुरक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण कर सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।