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उत्तराखंड: हरिद्वार जिले में स्लीपर और लग्जरी बसों की जांच के लिए तड़के चला चेकिंग अभियान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 23 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: हरिद्वार जिले में स्लीपर और लग्जरी बसों की जांच के लिए तड़के चला चेकिंग अभियान

हरिद्वार जिले में परिवहन विभाग की टीम ने आज तड़के चार बजे से चेकिंग अभियान चलाया। इसके अंतर्गत हरिद्वार से गुजरने वाली स्लीपर व लग्जरी बसों में सुरक्षा व्यवस्था, निर्धारित तकनीकी मानकों और परमिट शर्तों के अनुपालन की पड़ताल की गई। हरिद्वार की सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में संचालित किए गए अभियान के दौरान गंभीर तकनीकी व सुरक्षा संबंधी खामियां मिलने पर पांच बसों को सीज कर दिया गया, जबकि पांच अन्य के फिटनेस प्रमाण पत्र रद्द करने की संस्तुति की गई।

इसके अलावा अन्य गड़बड़ियों पर 50 से ज्यादा वाहनों के चालान भी किए गए। एआरटीओ निखिल शर्मा ने बताया कि अभियान में विशेष रूप से उन स्लीपर व लग्जरी बसों को लक्षित किया गया, जिनमें निर्धारित स्वीकृत संरचना के विपरीत परिवर्तन किए जाने, परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने अथवा यात्री सुरक्षा से संबंधित आवश्यक मानकों का अनुपालन न किए जाने की आशंका थी।

प्रवर्तन दल ने वाहनों की तकनीकी स्थिति, आपातकालीन निकास व्यवस्था, वाहन की संरचना, निर्धारित सुरक्षा उपकरणों व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच की। वहीं, एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने बताया कि अभियान निरंतर जारी रहेगा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

हरिद्वार जिले में परिवहन विभाग ने स्लीपर व लग्जरी बसों की सुरक्षा और तकनीकी मानकों की जाँच के लिए तड़के अभियान चलाया। इस अभियान में पाँच बसों को सीज कर खामियों का पता चला। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है, क्योंकि बसों में अक्सर अनियमितता और अवैध संचालन के मामले सामने आते हैं। आम जनता को इससे बेहतर सुरक्षा, नियमों का पालन और दुर्घटनाओं में कमी का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, यह सरकार की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का संकेत है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।