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उत्तराखंड: ज्योलीकोट के 24 गांवों में दूषित पानी की समस्या, प्रशासन ने तेज की स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: ज्योलीकोट के 24 गांवों में दूषित पानी की समस्या, प्रशासन ने तेज की स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था

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Category- Health, Water Supply, Nainital

उत्तराखंड: ज्योलीकोट के 24 गांवों में दूषित पानी की समस्या, प्रशासन ने तेज की स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था

एंकर- उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र के करीब 24 गांवों में दूषित पानी की समस्या सामने आने के बाद प्रशासन ने स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक चार लोगों की मौत हुई है और करीब 300 लोग बीमार बताए जा रहे हैं। कई मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित गांवों में वैकल्पिक पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। पेयजल व्यवस्था के लिए बोरिंग के जरिए पानी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

वहीं जल स्रोतों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं और प्रभावित लोगों की निगरानी भी की जा रही है। हालिया जांचों में कुछ पेयजल नमूनों में गुणवत्ता संबंधी समस्याएं सामने आने के बाद प्रशासन की ओर से निगरानी और जांच बढ़ाई गई है।

बाइट – ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी, नैनीताल

वीडियो कैप्शन_ ज्योलीकोट के 24 गांवों में दूषित पानी की समस्या, प्रशासन ने तेज की स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था

💡 पृष्ठभूमि (Background)

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में लगभग 24 गांवों में दूषित पानी की समस्या सामने आई है, जिससे निवासियों को स्वास्थ्य जोखिम और पेयजल की कमी का सामना करना पड़ रहा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि दूषित पानी से जलजनित रोगों का खतरा बढ़ता है और ग्रामीण समुदायों की रोज़मर्रा की ज़रूरतें प्रभावित होती हैं। प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था को तेज़ी से सुधारने के कदम उठाने से लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा, पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और रोगों की रोकथाम में मदद मिलेगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।