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उत्तराखंड: केदारताल ट्रेक पर फंसे ट्रेकर्स को रेस्क्यू करने में जुटा प्रशासन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 31 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: केदारताल ट्रेक पर फंसे ट्रेकर्स को रेस्क्यू करने में जुटा प्रशासन

उत्तरकाशी जिले के केदारताल ट्रेक पर फंसे ट्रेकर्स और सपोर्टिंग स्टाफ को रेस्क्यू करने के लिए प्रशासन ने अभियान शुरू कर दिया है। 27 अक्टूबर को गंगोत्री से सात ट्रेकर्स और सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 12 लोग केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुए थे। इनकी वापसी 29 अक्टूबर को होनी थी, लेकिन खराब मौसम, ग्लेशियर और बर्फबारी के कारण मार्ग अवरुद्ध होने से वे निर्धारित समय पर वापस नहीं लौट सके।

30 अक्टूबर को ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से फोन पर संपर्क होने पर ट्रेकर्स ने कच्ची ढांग के पास स्वयं को सुरक्षित बताया और सहायता की मांग की। इस पर उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर ट्रेकिंग एजेंसी ने पोर्टर और गाइड की टीम भेजकर करीब 6 किलोमीटर तक ट्रैक खोला। इसके बाद आज सुबह एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की टीम रेस्क्यू के लिए केदारताल रवाना की गई।

डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि कच्ची ढांग के आसपास तीन पोर्टर और एक कुक सुरक्षित मिल गए हैं। वहीं, शेष आठ व्यक्ति भोजखड़क से आगे हिमस्खलन आने के कारण फंसे हुए हैं, लेकिन सुरक्षित हैं। रेस्क्यू टीमें उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। रेकी के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की गई है। मौसम साफ रहने की स्थिति में कल सुबह हेलीकॉप्टर की मदद भी सभी ट्रेकर्स को रेस्क्यू करने के लिए ली जाएगी।

बाइट- प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी, उत्तरकाशी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।