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उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 190 मदरसों ने किया पंजीकरण के लिए आवेदन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 190 मदरसों ने किया पंजीकरण के लिए आवेदन

देहरादून: उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर धामी सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश में 1 जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब प्रदेश के सभी मदरसों के लिए प्राधिकरण और शिक्षा विभाग से मान्यता एवं पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

कैबिनेट मंत्री खजान दास ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब तक करीब 190 मदरसा संचालकों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। इनमें से 35 से 45 मदरसों को प्रमाणपत्र भी जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने मदरसों के पंजीकरण के लिए 30 अक्टूबर की अंतिम तिथि निर्धारित की थी।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के बावजूद जो मदरसे नई व्यवस्था के तहत नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को नियमानुसार संचालित करना और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

बाइट- खजान दास, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।