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उत्तराखंड: महिलाओं ने संभाला पहाड़ी मसालों का कारोबार, स्थानीय उत्पादों को मिल रही बाजार की पहचान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: महिलाओं ने संभाला पहाड़ी मसालों का कारोबार, स्थानीय उत्पादों को मिल रही बाजार की पहचान

स्लग- महिलाओं का मसाला कारोबार

Category- महिला सशक्तिकरण / स्वरोजगार / अल्मोड़ा

उत्तराखंड: महिलाओं ने संभाला पहाड़ी मसालों का कारोबार, स्थानीय उत्पादों को मिल रही बाजार की पहचान

एंकर- उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के धौलादेवी विकासखंड के पलौली गांव में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं पहाड़ के शुद्ध मसालों को बाजार तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। हिमाद्री इंटरप्राइजेज मसाला मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के जरिए हल्दी, धनिया, मिर्च और तेजपत्ता समेत कई मसाले तैयार किए जा रहे हैं।

इन मसालों के लिए आसपास के करीब डेढ़ दर्जन गांवों से कच्चा माल खरीदा जाता है। इसके बाद मसालों की पैकेजिंग और लेबलिंग कर उन्हें बाजार में भेजा जाता है। इस पहल से महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलने के साथ स्थानीय उत्पादों को भी बाजार मिल रहा है। इस स्वयं सहायता समूह की पांच महिलाओं ने वर्ष 2024 में मसाला ब्रांड का कारोबार शुरू किया था।

शुरुआत में छोटी मशीनों से काम किया गया और मसालों का प्रचार-प्रसार किया गया। धीरे-धीरे गांव के अन्य काश्तकार भी इस कारोबार से जुड़ने लगे। इन काश्तकारों से हल्दी, धनिया और तेजपत्ता खरीदा जाता है। कारोबार बढ़ाने के लिए रीप परियोजना से भी सहायता मिली। अब आसपास के क्षेत्रों के अलावा रुद्रपुर और नैनीताल में भी इन मसालों की सप्लाई की जा रही है।

बाइट- घनश्याम पांडे, कोऑर्डिनेटर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।