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उत्तराखंड: पेंशनर घर से ही जमा कर सकेंगे वार्षिक जीवित प्रमाण पत्र

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: पेंशनर घर से ही जमा कर सकेंगे वार्षिक जीवित प्रमाण पत्र

बुज़ुर्गों व पेंशनरों को पेंशन संबंधी कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सरकार डिजिटल माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। पेंशनर घर से ही अपना वार्षिक जीवित प्रमाण पत्र जमा करने के साथ ही पेंशन से जुड़ी अन्य प्रक्रियाएं भी पूरी कर सकते हैं। पहले बुज़ुर्गों को जीवित प्रमाण पत्र जमा करने और अन्य दस्तावेज़ों के लिए दूर-दराज़ के क्षेत्रों से कोषागार कार्यालय पहुँचना पड़ता था, जिससे उन्हें काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता था लेकिन डिजिटल व्यवस्था ने उनकी इस समस्या को काफ़ी हद तक आसान कर दिया है।

अब पेंशनर स्वयं या परिवार के सदस्यों की मदद से घर बैठे ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। इससे उनका समय और आने-जाने का खर्च बच रहा है। पेंशनरों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे बुज़ुर्गों के लिए राहत भरा कदम बताया है। मुख्य कोषाधिकारी, राजीव कांत, ने बताया कि जनपद चमोली में वर्तमान समय में करीब चार हज़ार पेंशनर हैं।

सरकार की डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से पेंशन संबंधी अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी की जा रही हैं, जिससे पेंशनरों को काफ़ी राहत मिल रही है। उन्होंने बताया कि ज़िला प्रशासन की ओर से एक QR कोड भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से पेंशनर सरकार की विभिन्न योजनाओं और कोषागार विभाग से संबंधित जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

बाइट 1- सुशीला सेमवाल, पेंशनर

बाइट 2- राजीव कांत, मुख्य कोषाधिकारी, चमोली

💡 पृष्ठभूमि (Background)

उत्तराखंड सरकार ने पेंशनर के लिए डिजिटल सुविधा शुरू की है, जिससे वे घर बैठे वार्षिक जीवित प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। यह कदम पेंशन संबंधी कार्यों को आसान बनाता है, खासकर दूर-दराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले बुज़ुर्गों के लिए। पहले उन्हें कोषागार कार्यालय तक जाना पड़ता था, जिससे समय और मेहनत दोनों का नुकसान होता था। अब ऑनलाइन प्रक्रिया से समय की बचत होगी और अनावश्यक भीड़भाड़ कम होगी। यह बदलाव पेंशनभोगियों की सुविधा बढ़ाएगा और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता तथा दक्षता को बढ़ावा देगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।