उत्तराखंड: पिथौरागढ़ में बारिश-बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम की पहली बर्फबारी हुई है। दारमा, व्यास और मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर जमकर बर्फबारी हुई, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश के चलते टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाट के पास पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। इसके कारण हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद है और सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं।
वहीं, आदि कैलाश मार्ग समेत जिले की करीब 11 सड़कें मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गई हैं। घाट क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण सड़क खोलने में भी दिक्कत आ रही है। एडीएम योगेंद्र सिंह ने एनएच अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। एनएच अधिकारियों के मुताबिक, पहाड़ी से पत्थरों का गिरना रुकने के बाद ही हाईवे को सुरक्षित तरीके से खोला जा सकेगा।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग सीमांत क्षेत्रों को जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते प्रशासन और एनएच विभाग की चुनौती बढ़ गई है।
बाइट - डी.एस. जरमाल, एई, एनएच
💡 पृष्ठभूमि (Background)
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश और पहली बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस क्षेत्र की ऊँची चोटियों पर जमकर बर्फबारी और तापमान में गिरावट ने सड़कें, बिजली और जल आपूर्ति पर असर डाला है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की असामान्य घटनाएँ सामान्य हो रही हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं पर दबाव बढ़ता है। आम जनता पर इसका असर सड़क बंद, बिजली कटौती, पानी की कमी और कृषि उत्पादन में गिरावट के रूप में महसूस हो