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उत्तराखंड: रुड़की में गन्ना कोल्हुओं पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त, आठ कोल्हू सील

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: रुड़की में गन्ना कोल्हुओं पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त, आठ कोल्हू सील

स्लग- गन्ना कोल्हू- रुड़की

Category- पर्यावरण / प्रदूषण नियंत्रण

उत्तराखंड: रुड़की में गन्ना कोल्हुओं पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त, आठ कोल्हू सील

एंकर- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की के ग्रामीण क्षेत्रों में गन्ना कोल्हुओं का संचालन शुरू हो गया है। जिले में 230 से अधिक कोल्हू संचालित होते हैं, लेकिन कई जगह प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसे देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कार्रवाई तेज कर दी है।

बोर्ड ने देहरादून स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम की मदद से कोल्हुओं के लिए आधुनिक भट्टी, चिमनी और प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली विकसित करने की पहल की है। क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह के मुताबिक, दिसंबर तक इसका एकीकृत मॉडल तैयार होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे कोल्हुओं में लागू कराया जाएगा।

नियमों का उल्लंघन करने पर सितंबर में आठ कोल्हू सील कर प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

बाइट- राजेंद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रुड़की

💡 पृष्ठभूमि (Background)

गन्ना कोल्हू वह संयंत्र होते हैं जहाँ गन्ने के रस को रसायनों के साथ मिलाकर शर्करा निकाली जाती है। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की में 230 से अधिक कोल्हू चल रहे हैं, परंतु कई में प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन नहीं हो रहा। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कोल्हुओं से निकलने वाला कचरा जल, वायु और मिट्टी को प्रदूषित करता है, जिससे स्थानीय पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खतरा मंडराता है। यदि नियंत्रण सख्त नहीं किया गया तो पानी की गुणवत्ता घट सकती है, कृषि उत्पादन पर असर पड़ सकता है और ग्

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।