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उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग: शीतकाल के लिए बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग: शीतकाल के लिए बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट

स्लग- तुंगनाथ धाम के कपाट बंद (रुद्रप्रयाग)

Category- पर्यटन / धार्मिक यात्रा

उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग: शीतकाल के लिए बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट

एंकर- पंचकेदारों में तृतीय केदार और विश्व के सबसे ऊंचाई पर स्थित शिव मंदिरों में प्रसिद्ध भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट आज 6 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के चोपता क्षेत्र में समुद्रतल से करीब 3 हजार 680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित धाम में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ कपाट बंद होने की प्रक्रिया संपन्न हुई।

इसी के साथ वर्ष 2026 की ग्रीष्मकालीन यात्रा का समापन हो गया। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के लिए रवाना हो गई है। आज डोली का रात्रि प्रवास चोपता में होगा। 7 नवंबर को भनकुण्ड और 8 नवंबर को मक्कूमठ स्थित मर्कटेश्वर मंदिर पहुंचेगी।

शीतकाल में भगवान तुंगनाथ की पूजा-अर्चना यहीं संपन्न होगी। इस अवसर पर मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कपाट बंद होने की धार्मिक परंपरा के साक्षी बने।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।