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उत्तराखंड में सरकार की लखपति दीदी योजना से सशक्त बन रही मातृशक्ति

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड में सरकार की लखपति दीदी योजना से सशक्त बन रही मातृशक्ति

उत्तराखंड में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वित्तीय वर्ष 2026- 27 में एक लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

ग्रामीण महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए जुलाई में भुली यानी बिजनेस हैंडहोल्डिंग यूनिट फॉर लाइवली-हुड इन्क्यूबेशन कार्यक्रम शुरू किया गया। पात्र महिला उद्यमियों को पांच से 28 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण और जरूरत के अनुसार 15 लाख रुपये तक अनुदान या सब्सिडी की सुविधा दी जा रही है।

अब तक पांच हजार से अधिक महिला उद्यमी कार्यक्रम में पंजीकरण करा चुकी हैं। महिला उद्यमिता की सफलता की मिसाल शशि बहुगुणा रतूड़ी भी हैं, जिन्हें ‘नमक वाली आंटी’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने पारंपरिक पहाड़ी नमक ‘पिस्यूं लूण’ से ‘नमकवाली’ ब्रांड की शुरुआत कर सफल व्यवसाय खड़ा किया है।

बाइट 1- भरत सिंह चौधरी, ग्राम्य विकास मंत्री, उत्तराखंड

बाइट 2- शशि बहुगुणा रतूड़ी, महिला उद्यमी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।