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उत्तराखंड: टिहरी में सड़क हादसे रोकने के लिए चालकों की सेहत और नींद की जांच करेगा परिवहन विभाग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: टिहरी में सड़क हादसे रोकने के लिए चालकों की सेहत और नींद की जांच करेगा परिवहन विभाग

उत्तराखंड: टिहरीमें सड़क हादसेरोकने के लिएचालकों की सेहतऔर नींद कीजांच करेगा परिवहनविभाग

टिहरी में बढ़ते सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग ने अनूठी पहल शुरू की है। अब हादसों की वजह तलाशने के लिए चालकों की सेहत, नींद और काम के दबाव की जांच की जा रही है। मोबाइल हेल्थ वैन के जरिए अब तक करीब 870 चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। दरअसल, टिहरी में जनवरी से अगस्त 2025 के बीच 43 सड़क हादसे हुए थे, जबकि 2026 में इसी अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 61 पहुंच गया।

इसके बाद परिवहन विभाग ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से चालकों की आंखों की रोशनी, बीपी, शुगर और मानसिक स्थिति की जांच शुरू की है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि चालक कितने घंटे वाहन चलाते हैं और उन्हें पर्याप्त आराम मिल रहा है या नहीं। अभियान के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण कराने पहुंचे बस और स्कूल बस चालकों ने भी इस पहल को सराहनीय बताया।

चालकों का कहना है कि समय रहते स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का पता चलने से वे जरूरी सावधानियां बरत सकते हैं। इससे चालक के साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। परिवहन विभाग अब इस अभियान को तपोवन, मुनिकीरेती, प्रतापनगर और धनोल्टी समेत अन्य क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी में है।

उद्देश्य साफ है चालक की सेहत दुरुस्त रहे, सफर सुरक्षित बने और सड़क हादसों पर लगाम लगे।

बाइट 1-ज्योति शंकर मिश्रा, एआरटीओ

बाइट 2-टी.एस. नेगी, बस चालक

बाइट 3-संजीव, स्कूल बस चालक

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।