अपराध

उत्तराखंड: वीकेंड पर दून पुलिस का ‘ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक’, 35 संदिग्ध थाने लाए गए

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उत्तराखंड: वीकेंड पर दून पुलिस का ‘ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक’, 35 संदिग्ध थाने लाए गए

Slug- ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक

Category- पुलिस, अपराध नियंत्रण, देहरादून

उत्तराखंड: वीकेंड पर दून पुलिस का ‘ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक’, 35 संदिग्ध थाने लाए गए

एंकर- उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वीकेंड के दौरान अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दून पुलिस ने नगर से लेकर देहात क्षेत्र तक व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने होटल, बार, पब और रेस्टोरेंट समेत विभिन्न स्थानों पर औचक चेकिंग की।

अभियान के दौरान पुलिस ने 1809 वाहनों की जांच की और 1900 से अधिक लोगों से पूछताछ की। संदिग्ध पाए गए 35 लोगों को थाने लाकर पूछताछ और सत्यापन की कार्रवाई की गई। इसके बाद 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान किए गए। पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वाले 18 वाहन चालकों को गिरफ्तार कर उनके वाहन सीज किए।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर 30 वाहन चालकों के एमवी एक्ट के तहत चालान कर 16 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, 65 वाहन चालकों के माननीय न्यायालय के चालान किए गए और 23 वाहनों को सीज किया गया।

बाइट- प्रमेंद्र डोभाल, एसएसपी देहरादून

💡 पृष्ठभूमि (Background)

दून पुलिस ने देहरादून में वीकेंड पर ‘ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक’ चलाया, जिसके अंतर्गत 35 संदिग्धों को थाने लाया गया। यह ऑपरेशन अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि शहर में बार, पब और होटल जैसे स्थानों पर अपराध की गतिविधियाँ बढ़ रही थीं। इस अभियान से पुलिस को अपराधियों के नेटवर्क का पता चल सकता है और भविष्य में इसी तरह के अपराधों को रोका जा सकता है। आम जनता के लिए इसका असर यह है कि शहर में सुरक्षा बढ़ेगी, जिससे लोगों को रात में भी सुरक्षित महसूस होगा और व्यापारिक गति

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

दून पुलिस के ‘ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक’ से 35 संदिग्ध थाने लाए जाने की खबर हमें याद दिलाती है कि समाज में शांति और कानून का पालन ही सबसे बड़ा आधार है। अपराध के विकल्प के रूप में संवाद, मध्यस्थता और कानूनी मार्ग अपनाना चाहिए। हमें अपने आस-पास के लोगों को सहानुभूति, समझ और सहयोग की भावना से जोड़ना चाहिए, ताकि हिंसा की जगह सहिष्णुता और समन्वय हो सके।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।