वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत: वित्त मंत्री
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अक्टूबर 03, नई दिल्ली: दिल्ली में कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले चार वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को कई बड़े झटकों का सामना करना पड़ा है। पश्चिम एशिया में अस्थिरता, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और बढ़ते व्यापार अवरोधों ने चुनौतियां बढ़ाईं।इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, वित्त मंत्री के मुताबिक भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार के सुधारों और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम गति शक्ति ने परिवहन नेटवर्क, जनसुविधाओं और आर्थिक क्षेत्रों को जोड़कर विकास को नई गति दी है। राज्यों को 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण से पूंजीगत निवेश को बढ़ावा मिला है।वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी, आईबीसी, चार श्रम संहिताओं और जन विश्वास अधिनियम जैसे सुधारों का उद्देश्य देश में आर्थिक गतिविधियों को आसान, अधिक पारदर्शी और उत्पादक बनाना है।
(फोटो /वीडियो कैप्शन- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिल्ली में कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव को संबोधित किया)
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भारत की आर्थिक स्थिरता पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि हाल के चार वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था ने कई बड़े झटकों का सामना किया, जैसे कि पश्चिम एशिया में अस्थिरता, तेल की कीमतों में उछाल और व्यापार अवरोधों में वृद्धि। इस पृष्ठभूमि में, मंत्री ने आश्वासन दिया कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और वह इन चुनौतियों के बावजूद सुदृढ़ बनी हुई है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह निवेशकों और नीति निर्माताओं को भारत की आर्थिक लचीलापन के बारे में भरोसा देती है। आम जनता के लिए इस