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‘वैश्विक GDP का 40% हिस्सा BRICS देशों से’, राष्ट्रपति पुतिन ने जी-7 पर कसा तंज

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 16 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
‘वैश्विक GDP का 40% हिस्सा BRICS देशों से’, राष्ट्रपति पुतिन ने जी-7 पर कसा तंज

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार, बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और प्रौद्योगिकी से जुड़ी परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए एक नया निवेश मंच बनाने का प्रस्ताव रखा.

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग किसी भी देश के खिलाफ नहीं है.

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले सदस्य देशों के उद्योग प्रमुखों की बैठक को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि प्रस्तावित निवेश मंच का आधार न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) हो सकता है.

इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र से वित्त जुटाकर ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है.

उन्होंने कहा, "हमें वित्तपोषण की जरूरत है." साथ ही उम्मीद जताई कि ब्रिक्स के अन्य सदस्य देश भी इस पहल का समर्थन करेंगे.

पुतिन ने कहा कि रूस आर्कटिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर सहित बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं पर साझेदार देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है.

ब्रिक्स देशों से वैश्विक जीडीपी का 40%

उन्होंने प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मानव रहित परिवहन, वित्त, पर्यटन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया.

पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स दुनिया के साथ व्यापक सहयोग के लिए खुला है. उन्होंने कहा, "हम किसी के खिलाफ नहीं हैं.

हम अपने हितों के पक्ष में हैं." रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 40 प्रतिशत से अधिक योगदान ब्रिक्स देशों का रहा है, जबकि जी-7 देशों की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत रही.

उन्होंने कहा कि इसी अवधि में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में ब्रिक्स देशों का योगदान आधे से अधिक रहा है.

पुतिन के अनुसार, आर्थिक वृद्धि के पारंपरिक केंद्रों की जगह अब नए विकास केंद्र ले रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का बढ़ता आर्थिक सहयोग अन्य देशों को बाहर करने के बजाय सदस्य देशों के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने क

📡 स्रोत: ABP Live

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार, बुनियादी ढाँचे, लॉजिस्टिक्स और प्रौद्योगिकी के लिए एक नया निवेश मंच बनाने का प्रस्ताव रखा, जिससे वैश्विक GDP का 40% हिस्सा ब्रिक्स से जुड़ने पर जोर दिया गया। यह विषय वैश्विक आर्थिक शक्ति के पुनर्वितरण और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की दिशा में एक कदम है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जी‑7 के साथ प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है और अंतरराष्ट्रीय निवेश प्रवाह में बदलाव का संकेत देती है। आम जनता पर इसका असर रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नति और घरेलू उद्योगों

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