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वैश्विक हाथ धुलाई दिवस

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
वैश्विक हाथ धुलाई दिवस

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वैश्विक हाथ धुलाई दिवस पर स्कूली बच्चों को किया गया जागरूक

दुर्ग :- वैश्विक हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम हनोदा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने स्कूली बच्चों को हाथ धोने के महत्व, इसके फायदे और हाथ धोने के सही तरीकों की जानकारी दी। साथ ही स्वच्छता को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिसर से जनजागरूकता रैली भी निकाली गई। हाथों में स्वच्छता और हाथ धोने के महत्व से संबंधित संदेश लिखी तख्तियां लेकर स्कूली बच्चे गांव की विभिन्न गलियों से गुजरे। इस दौरान बच्चों ने स्वच्छता संबंधी नारे लगाकर ग्रामीणों को हाथ धोने और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया। रैली गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः विद्यालय परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।

विद्यालय की शिक्षिका डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि कोरोना काल के दौरान लोगों ने हाथ धोने के महत्व को करीब से समझा। संक्रमण और विभिन्न बीमारियों से बचाव में हाथों की स्वच्छता की अहम भूमिका है। इसी उद्देश्य से विद्यालय में बच्चों को प्रतिदिन हाथ धोने की आदत अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

बाइट – डॉ. प्रज्ञा सिंह, शिक्षिका, पूर्व माध्यमिक विद्यालय हनोदा

वहीं, स्कूली बच्चों ने भी हाथ धोने के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। बच्चों ने बताया कि नियमित रूप से सही तरीके से हाथ धोने से कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों से भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से हाथ धोने की अपील भी की।

बाइट – विद्यार्थी 1, 2 एवं 3

गौरतलब है कि 15 अक्टूबर को वैश्विक हाथ धुलाई दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाने के लिए प्रेरित करना और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इसी दिन देश के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती भी मनाई जाती है। इस अवसर पर विद्यालय में बच्चों को डॉ. कलाम के जीवन, उनके वैज्ञानिक योगदान और देश के विकास में उनकी भूमिका की जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर शिक्षा, विज्ञान और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।